गनीमत रही कि कोई हादसा नहीं हुआ। सुबह पेट्रोलिंग के दौरान जब गैंग मैन की निगाह पड़ी तब ट्रैक पर फ्रैक्चर की जानकारी हुई। तत्काल पीडब्लूआई मौके पर पहुंचे और कुछ देर का ब्लाक लेकर पटरी बदली गई।
बुधवार देर रात केबिन के पास डाउन रेल पथ की पटरी चटक गई। गनीमत रही कि जिस जगह से पटरी चटकी वहां ज्वाइंट था। जिस कारण ट्रेनें सरपट बिना किसी दिक्कत के दौड़ती रही। सुबह करीब 11 बजे गैंग मैन की निगाह पड़ी तो उसने रेल पथ निरीक्षक मंजीत कुमार को सूचना दी। करीब 12 बजे पीडब्लूआई की टीम पहुंची। डाउन रेल पथ की ट्रेनों को गंगाघाट और कानपुर में रोका गया। पौन घंटे मरम्मत कार्य के बाद पटरी बदली गई और रेल यातायात बहाल कराया गया। बताया गया कि पुष्पक एक्सप्रेस, चित्रकूट एक्सप्रेस, लखनऊ इंटरसिटी समेत कई ट्रेनें टूटी पटरी से गुजर गई। तकनीकी खराबी से कई ट्रेनों को मेमो देकर लखनऊ रवाना किया गया। सुबह करीब 11 बजे पुराने केबिन के पास क्रास ओवर में तकनीकी खराबी आ गई। जिस कारण सिग्नल काम करने बंद कर दिए। इसी बीच लखनऊ जा रही राप्ती सागर एक्सप्रेस सिग्नल न मिलने के कारण पुल पर करीब आधा घंटा तक खड़ी रही। इसी तरह से फै जाबाद इंटरसिटी एक्सप्रेस, एलकेएम मेमू पैसेंजर और राप्ती सागर एक्सप्रेस को मेमो देकर रवाना किया गया। उक्त ट्रेनें स्टेशन पर खड़ी भी रही जिस कारण यात्रियों की यात्रा काफ ी लेट लतीफ हुई। जानकारी के अनुसार सिग्नल एंड टेलीकॉम विभाग को मामले की जानकारी दी गई। दोपहर बाद क्रास ओवर में आई तकनीकी खराबी को सही किया गया जिसके बाद सिग्नल काम करने शुरू कर दिए।