जिला अस्तपाल में इलाज कराते लखनऊ राजाजी पुरम के एहतिशाम हुसैन व उनकी पत्नी निलोफर।
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ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होते ही सदमे के चलते कई बीमार हुए तो कई बेहोश होकर गिर पड़े। हालांकि मौके पर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों का इलाज किया। हालत गंभीर देख लखनऊ निवासी दंपति को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ट्रेन के अचानक लहराने से कुछ को तो हादसे की आशंका हुई, लेकिन कुछ ऐसे यात्री भी थे जो सफर के दौरान सो रहे थे। बी फोर कोच में सफर कर रहे लखनऊ के राजाजी पुरम निवासी एहतिशाम हुसैन सिद्दिकी अपनी मौसेरी सास सब्बरी खातून का कूल्हे का ऑपरेशन कराने मुंबई गए थे। एहतिशाम के साथ पत्नी निलोफर, लड़का अल्तमश, रैय्यान, लड़की रुस्दा भी थी।
उन्हाेंने बताया कि शनिवार शाम सात बजे वह मुंबई कुरला स्टेशन से लोकमान्य तिलक में बैठे थे। उन्नाव स्टेशन पर ट्रेन के डिरेल होने के बाद पति-पति दहशत में आ गए। दोनों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके अलाव पुणे की निकिता नाद कारिणी, कुर्ला के एचटी उपाध्याय, लखनऊ के प्रमोद कुमार, जय राणे, नरेश राणे समेत कई यात्रियों की हालत बिगड़ने पर रेस्क्यू टीम ने उपचार किया।
रेलवे के महाप्रबंधक ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस के 11 डिब्बों के पटरी से उतरने की घटना के बाद रविवार रात करीब नौ बजे घटना स्थल का निरीक्षण करने पहुंचे उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आरके कुलश्रेष्ठ ने बताया कि फौरी जांच में तो दुर्घटना का तो फिश प्लेट के नट-बोल्ट का टूटना ही लग रहा है। बताया कि ट्रैक को सुचारु करने का काम किया जा रहा है। हर बिंदु पर घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। रेलवे जीएम ने घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्चस्तरीय जांच टीम बनाने के साथ-साथ घटनास्थल की वीडियोग्राफी कराने के भी निर्देश दिए।