बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन में परीक्षकों की लापरवाही रुक नहीं रही है। डीआईओएस के सख्त तेवर के बाद भी चौथे दिन 653 परीक्षक व 28 डीएचई अनुपस्थित रहे। इससे मूल्यांकन कार्य बडे़ स्तर पर प्रभावित हो रहा है। वित्तविहीन कालेज के शिक्षकों की लापरवाही पर डीआईओएस ने कालेज की मान्यता रद्द करने के साथ ही राजकीय व एडेड कालेज के शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन रोकने की कार्रवाई करने की बात कही है। रविवार को 31860 कॉपियों का मूल्यांकन हुआ।
जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार के सख्त तेवरों के बाद भी मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की उपस्थित संख्या में लगातार कमी बनी है। रविवार को जीआईसी चमरौली में 219, जीआईसी शहर 111 व जीजीआईसी मोतीनगर में 323 परीक्षक अनुपस्थित रहे। वहीं 28 डीएचई भी नदारद मिले। परीक्षकों की लगातार अनुपस्थित मूल्यांकन व्यवस्था में परेशानियों का सबब बन रही है। मूल्यांकन को प्रभावित कर रहे परीक्षकों के खिलाफ डीआईओएस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है।
डीआईओएस कार्यालय में वित्तविहीन कालेज के शिक्षकों की अनुपस्थित पर कालेज की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की सूची तैयार हो रही हैं। वहीं राजकीय व सहायता प्राप्त कालेज के शिक्षकों का अप्रैल माह का वेतन रोकने की कार्रवाई लगभग पूरी की जा चुकी है। डीआईओएस ने बताया कि मूल्यांकन कार्य में हीलाहवाली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होगी। मान्यता रद्द करने के साथ ही शिक्षकों के वेतन कटौती जैसी सख्त कार्रवाई की जा रही है।
चौथे दिन जांची गई कॉपियां
मूल्यांकन केंद्र परीक्षक संख्या कांपी संख्या
जीआईसी शहर 258 7268
जीआईसी चमरौली 302 6248
जीजीआईसी मोतीनगर 438 18444
वापस की जाएगी कॉपियां
जीजीआईसी में इंटर की कॉपियां जांची जा रही है। हिंदी, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के अलावा एग्रीकल्चर, गणित, वोकेशनल फूड्स व वोकेशनल लाइब्रेरी विषय की कॉपियां भी हैं। इन तीनों विषयों की करीब ढाई हजार कापियां हैं। परीक्षक के अभाव में अभी तक एक भी कॉपी जांची नहीं जा सकी है। डीआईओएस ने बताया कि जिन विषयों के परीक्षक नहीं हैं। वह कॉपियां बोर्ड कार्यालय को वापस कर दी जाएंगी। उप नियंत्रकों को परेशान होने की जरूरत नहीं हैं।