निराला प्रेक्षागृह में आयोजित मुशायरा में गजल पढ़ते शायर अजहर इकबाल।
- फोटो : निराला प्रेक्षागृह में आयोजित मुशायरा में गजल पढ़ते शायर अजहर इकबाल।
उन्नाव। शहर के सिविल लाइंस स्थित निराला प्रेक्षागृह में रविवार रात शाम-ऐ अदब का आयोजन किया गया। शायरों ने अपनी नज्मों और गजलों से ऐसा शमा बांधा कि श्रोताओं की तालियां गूंजती रहीं। वहीं जिले के युवा शायरों ने भी अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सदर विधायक पंकज गुप्ता, डीएम गौरांग राठी, सहकारी बैंक अध्यक्ष अरुण सिंह ने दीप जलाकर किया। अजहर इकबाल ने गजल पेश करते हुए पढ़ा अब ये एलान मेरी जान विधिवत कर दो, मैं तुम्हारा ही रहूं ऐसी वसीयत कर दो। शायर उमर इजहार ने, दर्द सहना है मुस्कराना है, काम आसां नहीं उमर होना, पढ़कर तालिया बटोरी। शायर सतलज राहत इंदौरी ने छोटा सा संदेश है लाला सबसे पहले देश है लाला, तुमने पूछा अपना क्या है, पूरा भारत देश है लाला पढ़कर वाह वाही लूटी। अभिषेक सहज, हर्षित मिश्रा, कोमल सिंह, हिमांशी बावरा,महेश श्रीवास्तव, अब्दुल मोईद, अभिषेक अस्थाना, धीरज यादव ने भी शायरी से समा बांध दिया। इस दौरान मनीष सिंह सेंगर,डॉ.प्रभात सिन्हा, लक्ष्य निगम, रामबोध शुक्ला,डॉ. स्नेहिल पांडेय, डॉ प्रवीण सारस्वत,डॉ. अमित गौरेया आदि मौजूद रहे।