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Unnao News: नौकरानी ने रची थी लूट की सजिश, 12 घंटे में खुलासे के करीब पुलिस

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उन्नाव। सदर कोतवाली के जेर खिड़की निवासी आयकर मामलों के अधिवक्ता सैय्यद कैमूल हसनैन जैदी के घर हुई लूट की घटना में 12 घंटे में ही पुलिस खुलासे के करीब पहुंच गई। लुटेरों को घर की पूरी जानकारी होने से पुलिस को शक हुआ और नौकरानी आफरीन को पूछताछ के लिए उठाया। साथ ही नौकरानी का मोबाइल नंबर सर्विलांस पर डाला तो हकीकत सामने आई।
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लुटेरे नौकरानी का मोबाइल नहीं ले गए थे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नौकरानी के बंधूहार निवासी रिश्तेदारों ने घटना को अंजाम दिया था। अधिवक्ता के दोनों बच्चों के घर से बाहर होने के साथ घर में सारा सामान कहां रखा है इसकी जानकारी होने से उसी ने रिश्तेदारों के माध्यम से लूट की साजिश रच डाली। पुलिस उसके बताए नामों के आधार पर दबिश दी है। सूत्रों की माने तो दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। नौकरानी ने बताया कि मालिक को शक न हो इसलिए लुटेरों से खुद को बंधक बनाने के लिए कहा था।


घर से 50 मीटर दूर मिली लूटे गए मोबाइल की लोकेशन
अधिवक्ता के लूटे गए मोबाइल की लोकेशन उनके घर से 50 मीटर दूर की मिली। इससे यह अंदाजा पुलिस को था कि लुटेरे शातिर हैं। अगर मोबाइल साथ ले जाते तो पुलिस की पकड़ में आ जाते। फिलहाल सर्विलांस और सीसीटीवी के सहारे तलाश में जुटी पुलिस को लुटेरों की लोकेशन रेलवे स्टेशन की ओर मिली और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। चालक अनीस को भी संदिग्ध मानकर पूछताछ चल रही है।
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बेटे की शादी का किया था जिक्र, पुलिस को नजदीकी पर गहराया शक

पीड़ित अधिवक्ता के मुताबिक, लुटेरों ने उनसे पूछा कि तुम्हारे बेटे फराज जैदी की 18 अक्तूबर को शादी हुई थी माल तो घर पर होगा ही। घटना के समय फराज अपनी पत्नी के साथ लखनऊ वाले घर पर था। अधिवक्ता की पत्नी जीजीआईसी से सेवानिवृत्त प्रधानाचार्या हैं। उनके गले का ऑपरेशन हुआ है इसलिए वह तेज आवाज में बोल भी नहीं सकतीं। बिना नकाब के घर के अंदर घुसकर घटना को अंजाम देना और फिर निकल जाना यह भी संदेहे के घेरे में रहा। जिस बेटे का विवाह हुआ है वह सिविल परीक्षा की तैयारी करने के साथ प्रयागराज में कोचिंग चलाता है। दूसरा बेटा दिल्ली में अधिवक्ता की पढ़ाई पूरी कर चुका है और प्रैक्टिस कर रहा है। सबसे खास बात यह है कि अधिवक्ता के घर आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता है।


घटना स्थल से 200 मीटर दूर है पुलिस चौकी
अधिवक्ता के घर से पुलिस चौकी की दूरी मात्र 200 मीटर की दूरी पर है। इससे जाहिर होता है कि लुटेरों में पुलिस का डर नहीं था। पड़ोसियों के मुताबिक चौकी क्षेत्र में सट्टा, जुआं भी अधिक होता है।


पड़ोसी के घर की बजाई थी घंटी

पड़ोसी मकबूल हैदर जैदी ने बताया कि सुबह 8:20 बजे घर की घंटी बजी थी। रोजाना मांगने वाले भी घंटी बजाते हैं इसलिए इस पर ध्यान नहीं दिया। घटना का पता चला तो खुदा का शुक्र अता किया। उनका मानना था कि लुटेरे मकान के भ्रम में रहे इसीलिए एक बार घंटी बजाई। पड़ोसियों के मुताबिक, पीड़ित अधिवक्ता अधिक मददगार थे। वह लोगों की मदद किया करते थे। उसी का किसी ने गलत फायदा उठा लिया हो।
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