हसनगंज के मेहंदीखेड़ा में चल रहे पांच दिवसीय 51 कुंडीय महामृत्युंजय गायत्री महायज्ञ में मौजूद आच?
- फोटो : UNNAO
हसनगंज(उन्नाव)। तहसील क्षेत्र के गांव मेहंदीखेड़ा में चल रहे पांच दिवसीय 51 कुंडीय महामृत्युंजय गायत्री महायज्ञ का पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। इसमें हजारों लोगों ने नारियल से पूर्णाहुति के साथ बुराई छोड़ने का संकल्प लिया। यहां आयोजित भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
समापन अवसर पर अधिक भीड़ होने से यज्ञ को 44 पालियाें में संपन्न कराया गया। बैठने के लिए पूरी व्यवस्था पहले से ही कर ली गई थी। दोपहर तक यज्ञ का आयोजन हुआ। जिसमें लोगों के कल्याण राष्ट्र संवर्धन, पर्यावरण संवर्धन के लिए आहूतियां डाली गईं। स्व. मालिक दादा की आत्मा की शांति के लिए महाकाल की आहुतियां प्रदान की गईं। देर शाम तक भंडारा चलता रहा। कलश पूजन में एलआईसी बांगरमऊ से शाखा प्रबंधक संजीव श्रीवास्तव पहुंचे। संदेशवाहक रुचिका रामायणी ने कहा कि अपनी इच्छा को बलवती बनाएं।
अशोक अवस्थी का तिलक लगाकर संयोजक ने स्वागत किया। टोली नायक श्यामवीर सिंह ने पूर्णाहुति पर बोलते हुए कहा कि आज का आदमी अचित्य चिंतन से परेशान हैं, जो नहीं सोचना चाहिए। बिगड़ी व्यवस्था को गायत्री मंत्र ही सुधार सकता है। सभी लोग गायत्री मंत्र को जपें नहीं, बल्कि आत्मसात करें। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मिश्रीलाल गुप्ता, पप्पू, प्रमोद रस्तोगी, रमेश, अमित पाल, नितिन, हर्षित, राजन, मनोज, अनुपम, विभुु, निशू, सुरेंद्र, मधु, संदीप, ज्ञानेंद्र, सत्यम, वीरेंद्र व नीलू गुप्ता उपस्थित रहे। संयोजक मुकेश गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।