मुख्य सचिव के आदेश को पहले ही दिन अफसर हवा में उड़ाते नजर आए। सोमवार को कलक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक ज्यादातर अधिकारी तय समय पर नहीं पहुंचे। फरियादी कार्यालय के बाहर डेरा जमाए।
नई सरकार के गठन के दो दिन पूर्व प्राथमिकताओं के आधार पर मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने एक आदेश जारी किया था। इसमें स्पष्ट निर्देश थे कि 20 मार्च से सभी अधिकारी व कर्मचारी सुबह 10 बजे हर हाल में कार्यालय पहुंचे। मुख्य सचिव के इस आदेश की पहले ही दिन जिले के कई अधिकारियों ने धज्जियां उड़ा दी। कलक्ट्रेट व विकास भवन समेत कई अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सुबह 10 बजे कार्यालय नहीं पहुंचे। कई अधिकारी 11 बजे के बाद पहुंचे। समय पर न पहुंचने वालों में कई सीनियर अफसर शामिल रहे।
अधिकारियों की इस कार्य प्रणाली का उनके कर्मचारियों ने भी फायदा उठाया और निर्धारित समय से कार्यालय पहुंचने की सुध नहीं ली। सोमवार शाम को जब सीडीओ संजीव सिंह से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने खुद के वीडियो कांफ्रेंसिंग में होने की बात कहकर फोन काट दिया।
तहसील से ब्लाक तक एक सा हाल
मुख्य सचिव के आदेश की धज्जियां उड़ाने में तहसील से लेकर ब्लाक तक के अधिकारी शामिल रहे। अधिकांश तहसीलों व ब्लाक कार्यालयों में सुबह दस से सवा दस बजे के बीच अधिकारियों व कर्मचारियों की कुर्सियां खाली दिखीं। फरियादी खासे परेशान नजर आए। गौरतलब बात यह है कि अधिकारियों के आने के समय की जानकारी बताने वाला कोई नहीं था।
लेकिन मुस्तैद रही पुलिस
उन्नाव। सूबे में सत्ता परिवर्तन को लेकर सोमवार को पुलिस काफी सतर्क रही। कहीं माहौल न बिगड़े इसे देखते हुए धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस जवानों की तैनाती और गश्त भी जारी रही। एसपी कार्यालय में सभी कर्मचारी बावर्दी समय से बैठे नजर आए। कचहरी और आसपास के कार्यालयों में पुलिस चहलकदमी करती नजर आई। जिला पंचायत कार्यालय, विकास भवन, कलक्ट्रेट, सदर बाजार, निराला पार्क, धवनरोड, वीडी मार्केट समेत अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों और धार्मिक स्थलों के आसपास पुलिस मौजूदगी दिखी। पुलिस की चहलकदमी को लेकर सीओ सिटी ह्रदेश कठेरिया ने बताया कि कोई खास बात नहीं रही। एहतियात के तौर पर पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया था।