उन्नाव। लोहिया ग्रामीण आवास योजना में अब आवास अलग-अलग स्थानों पर नहीं बनेंगे। ग्राम पंचायत में ग्रामसभा की जमीन पर एक ही जगह पर 15 से 20 आवास बनाए जाएंगे। इसके बाद वहां पर बिजली, पानी व सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
वित्तीय वर्ष 2014-15 में कुल 422 लोहिया आवास बनने हैं। मौजूदा समय में लाभार्थियों की खुद की भूमि पर लोहिया आवास बनाए जा रहे हैं।
इससे एक आवास गांव के एक छोर पर है तो दूसरा विपरीत साइड में। अब शासन लोहिया ग्रामीण आवास योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2014-15 एवं 2015-16 में क्लस्टर (एक स्थान पर) में आवास का निर्माण कराने जा रहा है।
आयुक्त ग्राम्य विकास कामरान रिजवी ने इसके लिए प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश मांगे हैं।
जानकारों की मानें तो क्लस्टर में आवासों का निर्माण कराए जाने से लाभार्थियों को अतिरिक्त मूलभूत सुविधाएं जैसे पानी, बिजली व सड़क की व्यवस्था हो सकेगी। सामुदायिक रूप से एक स्थान पर रहने से लाभार्थियों को यह सारी सुविधाएं मिलेंगी।
आयुक्त ने बताया कि एक क्लस्टर में 15 से 20 आवासों का निर्माण कराया जाएगा। एक जगह पर आवासों के निर्माण के लिए भूमि की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारी को दी गई है।
कांशीराम कालोनी की तरह ही बसाई जाएगी लोहिया आवास योजना
जानकारों की मानें तो बसपा सरकार में जिस तरह से एक ही स्थान पर कांशीराम कालोनी बसाई गई थी उसी तरह से लोहिया आवासों को भी एक ही जगह पर बसाने की शासन की योजना है। दोनों में फर्क सिर्फ इतना है कि काशीराम कालोनी सिर्फ शहरी गरीबों के लिए थी जबकि लोहिया आवास योजना ग्रामीण इलाकों के लिए है।