संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में लगी सेलेक्ट्रा मशीन खराब होने से किडनी, लीवर और लिपिड प्रोफाइल (खून में कोलेस्ट्रॉल की जांच) नहीं हो पा रही है। मंगलवार को ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के बाद करीब 90 मरीज जांच के लिए पहुंचे लेकिन उनके सैंपल नहीं लिए जा सके।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इस समय रोजाना औसतन 700 मरीज रोज पहुंचते हैं। इसमें 100 से अधिक पेट की बीमारियों से पीड़ित होते हैं। उन मरीजों को डॉक्टर केएफटी (किडनी फंक्शन टेस्ट ) और एलएफटी (लीवर फंक्शन टेस्ट) की जांच लिख रहे हैं। मंगलवार सुबह अचानक मशीन में तकनीकी खराबी आ गई और जांच बंद हो गई।
मशीन की मरम्मत न होने से मरीजों के सैंपल नहीं लिए गए। इससे जरूरतमंद मरीजों ने निजी पैथोलॉजी में जांच कराई। सीएमएस डॉ. आर ए मिर्जा ने बताया कि इंजीनियर को सूचना दे दी गई है। मशीन की मरम्मत जल्द ही हो जाएगी। बुधवार से जांच शुरू होने की उम्मीद है।
महिला अस्पताल में नहीं हुए अल्ट्रासाउंड
उन्नाव। जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर थे। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंची महिलाओं की जांच नहीं हो सकी। 60 महिलाओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। जिला महिला अस्पताल में रोजाना औसतन 400 महिलाएं ओपीडी में डॉक्टर को दिखाने पहुंचती हैं। इनमें पेट संबंधित और गर्भवती महिलाओं को डॉक्टर अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। मंगलवार को अल्ट्रासाउंड कक्ष में तैनात रेडियोलॉजिस्ट डॉ. वीके गुप्ता छुट्टी पर थे। इससे अल्ट्रासाउंड के लिए पहुंची 60 महिलाओं को मायूस होकर लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. संजू अग्रवाल ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट छुट्टी पर थे। इससे अल्ट्रासाउंंड बंद थे। बुधवार को अल्ट्रासाउंड शुरू हो जाएंगे। (संवाद)
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सीटी स्कैन भी नहीं हुए
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में सीटी स्कैन मशीन है। सिरदर्द, पेट में अधिक दर्द और सिर में चोट लगने पर पर डॉक्टर मरीजों को सीटी स्कैन कराने की सलाह देते हैं। मंगलवार को सीटी दो जांच करने के बाद स्कैन मशीन के साफ्टवेयर में खराबी आ गई। इससे मरीजों की जांच नहीं हो सकी। जांच के लिए पहुंचे 35 मरीज मायूस होकर लौटकर गए। सीएमएस आरए मिर्जा ने बताया कि इंजीनियर को जानकारी दी गई। मशीन की मरम्मत कराई जाएगी।