रविवार रात हल्की बारिश से कहीं गम तो कहीं खुशी देखी जा रही है। गेहूं उत्पादक किसान बारिश से फायदा पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं सरसों, अरहर समेत अन्य फूल वाली फसलों को नुकसान होने की बात सोचकर अन्नदाता परेशान हैं।
रविवार रात करीब ढाई बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। करीब आधे घंटे बारिश हुई लेकिन इससे एक ओर गेहूं बुआई करने वाले किसानों के चेहरे खिल उठे वहीं जिन किसानों ने फूलवाली फसलों की बुआई की है उनके माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी। जानकारों की मानें तो इस समय बारिश से फूलवाली फसलों में लाही (सरसों) व अरहर को नुकसान पहुंच सकता है। गेहूं को फायदा पहुंचेगा क्योंकि इस समय गेहूं की फसल को एक सिंचाई की जरूरत है।
जिला कृषि अधिकारी यतींद्र सिंह का कहना है कि रविवार रात हल्की बारिश हुई है। उससे फिलहाल फूलवाली फसलों को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचने की संभावना कम है लेकिन यदि एकाध दिन में तेज बारिश हुई तो फूल गिर जाएंगे। इसका प्रभाव उत्पादन में दिखेगा। आलू को भी नुकसान हो सकता है।
नहीं हुए सूर्यदेव के दर्शन, ठंड से कांपे लोग
रविवार देर रात बारिश होने का असर सोमवार को दिखाई दिया। दिनभर आसमान में बादल छाए रहे। इससे सूर्यदेव बादलों की ओट से बाहर नहीं निकले। धूप न निकलने से लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास हुआ। बाजारों में सन्नाटा दिखा। लोग दिन भर घरों में आग के आसपास ही नजर आए। दिनभर लोगों के घरों में ब्लोअर व हीटर जलते रहे। मौसम के जानकारों की मानें तो अगले कुछ दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। अभी लोगों को कड़ाके की ठंड से निजात नहीं मिलेगी। सोमवार को अधिकतम पारा जहां 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस रहा।
रबी सीजन के फसलों की बुआई
गेहूं-239175 हेक्टेअर, जौ-1551, चना 4038, मटर 920, मसूर 1313, तोरिया 8920, सरसों 18805, अलसी 20 और रबी मक्का 21 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बोई गई है।