उन्नाव। छेड़छाड़ का विरोध करने पर किशोरी की हत्या में दो दोषियों को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
माखी थानाक्षेत्र के पवई मजरा शिवबक्सखेड़ा निवासी विनोद रावत ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसकी 17 वर्षीय बहन सपना 12 जुलाई 2020 को सुबह 6:30 बजे खेत गई थी। पहले से घात लगाए गांव के ही सुशील और संदीप ने उसको पकड़ा था और हत्या कर दी थी। शव को पास ही स्थित बांस कोठी में छिपा दिया था। भाई के मुताबिक इन्हीं दोनों ने हत्या की घटना से दो दिन पहले किशोरी से छोड़छा़ड़ की थी। बहन के विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारोपी सुशील को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। विवेचना पवन कुमार सोनकर ने की थी और आरोपियों सुशील को दोषी पाते हुए 27 सितंबर 2020 को उसके खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था, जबकि आरोपी संदीप की घटना में लिप्तता न होने की रिपोर्ट लगाते हुए मुकदमे से अलग कर दिया था। हालांकि मृतका सपना के भाई विनोद ने न्यायालय में संदीप को भी आरोपी बनाने का लिए प्रार्थनापत्र दिया था।
सुनवाई के बाद न्यायालय ने संदीप पर भी मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। मंगलवार को मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन पक्ष से अजय कुमार कुशवाहा की दलीलों और पुलिस की ओर से दिए गए साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश असलम सिद्दीकी ने विनोद और संदीप को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई।