चढ़ावे में मनमाफिक गहने न देखकर लड़की पक्ष के लोगों का मूड बिगड़ गया। रातभर मान मनौव्वल का दौर चला, लेकिन बात नहीं बनी। लड़की ने भी शादी करने से इंकार कर दिया। आखिर में बिना दुल्हन के ही बारात लौट गई। सुबह दोनों पक्ष कोतवाली पहुंचे और पुलिस के सामने लेन-देन वापस करने का फैसला हुआ।
कोतवाली के एक गांव में शुक्रवार रात बारात हुई थी। बारात असोहा थानाक्षेत्र के कांथा गांव से आई थी। बारात समय से जनवासे पहुंच गई। कन्या पक्ष ने बारातियों का स्वागत किया। द्वारचार की रस्म खत्म होते ही वर पक्ष के रूखे व्यवहार व चढ़ाव में आए गहनों को लेकर कन्या पक्ष नाराज हो गया। बताया जाता है कि वर पक्ष के लोग चढ़ाव में तय से कम आभूषण लाए थे। इसका कन्या पक्ष के लोगों ने विरोध किया। काफी देर तक विवाद होता रहा।
आखिर में बात इतनी बढ़ गई कि लड़की ने ही विवाह से इंकार कर दिया। इसके बाद मान मनौव्वल का दौर शुरू हुआ जो रातभर चलता रहा। घंटों की इस मशक्कत का भी कन्या पर कोई असर नहीं पड़ा। आखिर में बारात बिना दुल्हन के ही लौटने को तैयार हुई। शनिवार को दोनों पक्ष पुलिस के पास पहुंचे। दोपहर बाद गांव के संभ्रांत लोगों के बीच दोनों पक्षों के बीच लेनदेन का विवाद निपटाया गया और इसके बाद बारात बिना दुल्हन लिए ही बैरंग लौट गई।