State President Keshav Prasad Maurya Bgwantnagr with MLA Kuldeep Singh Sanger
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विधानसभा चुनाव के ऐन वक्त भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए भगवंतनगर के सपा विधायक को पार्टी में बांगरमऊ, पुरवा और भगवंतनगर से चुनाव लड़ाने पर मंथन चल रहा है। हालांकि भाजपा सूत्रों का दावा है कि कुलदीप को बांगरमऊ या पुरवा से टिकट देने की संभावना सबसे अधिक हैं। क्यों कि इन दोनों सीटों पर भाजपा अब तक कभी जीत हासिल नहीं कर पाई। तमाम कोशिशों और पार्टी के पक्ष में पूरे सूबे में माहौल बना तब भी यह दोनों सीटें भाजपा के लिए अभेद किला ही साबित हुईं। चर्चा है कि मंगलवार शाम तक पूरी स्थिति साफ हो जाएगी। कुलदीप सेंगर से सियासी सफर में जनवरी 2016 में जिला पंचायत चुनाव के दौरान कई रोड़े आए। हालांकि वह अपनी ही पार्टी यानी सपा से खुला मोर्चा लिया और सपा समर्थित प्रत्याशी ज्योति रावत के खिलाफ अपनी पत्नी संगीता सेंगर को जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में उतारा। सभी कयासों को विफल करते हुए उन्होंने अपनी पत्नी को जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जितवाया। कुलदीप के भाजपा में शामिल होने के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि इससे भाजपा को चुनाव में खासा लाभ मिलेगा। राजनीति के पंडितों का तर्क है कि कुलदीप सिंह उन्नाव सदर, बांगरमऊ और भगवंतनगर में जनता से सीधे जुड़े हैं और दूसरी तरफ उनकी पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष हैं।
पार्टी जो जिम्मेदारी देगी निभाएंगे
विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि वह चुनाव में भाजपा को जीत दिलाने और जीतने के लिए शामिल हुए हैं। बताया कि राजनीति में कभी किसी को धोखा देने का काम नहीं किया। सेंगर ने कहा कि वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दल के लिए काम करते हैं। सपा से नाता तोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सपा अपने ही कारणों से व्यस्त है। पारिवारिक विवाद के चलते घोषित प्रत्याशी भी प्रचार नहीं कर पा रहे। सेंगर ने माना कि इस चुनाव में सपा की करारी शिकस्त होगी। चुनाव लड़ने के सवाल पर बताया कि भाजपा की सदस्यता ली है, पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे पूरा करेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई खुशी
भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीकांत कटियार ने कुलदीप सिंह सेंगर के पार्टी में शामिल होेने पर खुशी जताते हुए कहा कि सेंगर के आने से पार्टी के प्रदर्शन में और सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने माना कि जिन सीटों को पार्टी कभी नहीं जीत पाई है, वहां से कुलदीप को टिकट दिया जा सकता है। उन्होंने माना कि कुलदीप सिंह ने तीन विधानसभा चुनाव लड़े और जीत हासिल की है और उन पर कोई आरोप भी नहीं है।