परिवार के साथ घर में सो रहे ग्राम पंचायत के सफाईकर्मी को धारदार हथियार से वारकर मौत के घाट उतार दिया गया। हैरानी की बात यह है कि पास में ही लेटी पत्नी और बच्चों को भनक तक नहीं लगी। वे सुबह आंगन में फैला खून देखकर घटना की जानकारी होने की बात कह रहे हैं।
थाना क्षेत्र के धमियाना गांव निवासी राजू (35) पुत्र लक्ष्मण धानुक शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद घर के बारमदे में अपने सात बच्चों के साथ लेटा था। उसकी पत्नी सुनीता भी पास में ही सोई थी। सबसे बड़ा बेटा दिलीप और चार दिन पहले आया मिर्जापुर अजिगांव निवासी साले पप्पू का बेटा राहुल घर के बाहर बरामदे में सोए थे।
पत्नी सुनीता के मुताबिक सुबह 6 बजे उसकी नींद खुली तो पति राजू बिस्तर पर नहीं था। पूरे आंगन में खून फैला था और पड़ोस में जेठ (मृतक के बड़े भाई) के खाली पड़े मकान में खून की धार देखी लेकिन उसके पति का कहीं पता नहीं चला। जानकारी होने पर ग्राम प्रधान आनंद सिंह ने पुुलिस को सूचना दी।
थानाध्यक्ष राजीव यादव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों व ग्रामीणों के साथ शव की तलाश की। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद घर से करीब सात सौ मीटर दूर शिवमंगल के बाग में राजू का शव रस्सी से फांसी पर लटका मिला। उसके गले में धारदार हथियार के वार के दो गहरे जख्म थे।
हत्यारों ने उसका पेट भी फाड़ दिया था। शव को फांसी से उतारने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शक के आधार पर पत्नी के अलावा परिवार के अन्य सदस्यों से अलग-अलग पूछताछ की। इसके बाद सभी को जाने दिया।
मृतक की पत्नी और परिजनों की इस बात को पुलिस गले नहीं उतार पा रही है कि घर में हत्या होने के बावजूद उनकी नींद नहीं खुली। घटना की जानकारी सुबह हुई। पुलिस के मुताबिक परिवार के लोग बहुत कुछ छिपाने का प्रयास कर रहे हैं।