खाद्य व औषधि विभाग ने छापेमारी अभियान चला खुले में रखा भूसी का सात सौ बीस लीटर खाद्य तेल सीज कर दिया। छापेमारी के दौरान टीम ने कई दुकानदारों के यहां से सैंपल लिए। तहसील व खाद्य एवं औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। सभी सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा रहा है। अधिकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होने की बात कह रहे हैं।
हसनगंज एसडीएम अर्चना द्विवेदी के साथ खाद्य एवं औषधि अभिहित अधिकारी सुधीर कुमार सिंह और मुख्य खाद्य निरीक्षक केके त्रिपाठी ने नवाबगंज कस्बा स्थित राजेश कुमार की खाद्य तेल की दुकान पर छापेमारी की। अधिकारियों के अचानक पहुंच जाने से वहां पर हड़कंप मच गया। टीम ने दुकान में जांच करनी शुरू की। इसी दौरान अधिकारियों के हाथ दुकान में धान की भूसी का 720 लीटर खुला रखा तेल लग गया। अफसरों ने दुकानदार से इससे संबंधित कागज दिखाने को कहा। काफी देर तक खोजने के बाद भी जब संचालक कागज नहीं दिखा सका तो अधिकारियों ने पूरा तेल को सील करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अधिकारियों ने दुकान से सरसों व रिफाइंड (सोयाबीन) तेल का सैंपल भरा। मुख्य खाद्य निरीक्षक केके त्रिपाठी ने बताया कि सैंपल को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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छापेमारी की खबर से दुकानों के गिरे शटर
नवाबगंज। सेल टैक्स की छापेमारी की खबर से कस्बे में कपड़ा, ज्वैलर्स, किराना व अन्य दुकानदारों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। छापों के दौरान कस्बे के दुकानदार दुकानें बंद कर निकल जाते हैं। इसका सीधा से अर्थ है कि दुकानदार नियमों के तहत सामान नहीं बेच रहे हैं। अहम बात यह हैं कि यहां की दुकानदारों द्वारा किसी भी सामान की खरीद पर बिल (छपा पर्चा) नहीं दिया जाता है। अगर कोई ग्राहक पक्का पर्चा मांगता है तो यही कह दिया जाता है कि बिल नही है। अगर देते हैं तो दो प्रतिशत का चार्ज जोड़ लेते हैं।