कानपुर-लखनऊ हाईवे का सफर खतरनाक हो गया है। बारिश के कारण सड़क का डामर बह गया और बजरी उखड़कर फैल गई है। सड़क पर काफी गहरे जानलेवा गड्ढे हो गए हैं जो हादसे का कारण बन सकते हैं। इन गड्ढों से वाहन सवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टोल वसूलने वाली कंपनी इससे अंजान बनी हुई है।
कानपुर से लखनऊ के बीच की दूरी करीब 80 किलोमीटर है। बारिश ने इस हाईवे की शक्ल बिगड़ गई है। जानकारों की मानें तो सड़क की मरम्मत में कंपनी ने खानापूरी की। जिससे पहली तेज बारिश में सड़क का डामर बहने से जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। उन्नाव बाईपास से सोनिक के बीच की सड़क में तो इतने ज्यादा गड्ढे हो गए हैं कि वाहन सवारों को सफर करना मुश्किल हो गया है। जाजमऊ से लेकर लखनऊ तक के बीच की पूरी सड़क काफी खस्ताहाल है। इस मार्ग पर सफर करना जोखिम भरा है। यहां से गुजरने वालों का सफर हिचकोले खाते ही बीतता है।
जर्जर मार्ग पर आए दिन वाहन फंसते हैं जो जाम को बढ़ावा देते हैं। गिट्टी व रोड़े के बीच फंसने से वाहन पंचर हो जाते हैं। जिससे उन्हें सड़क से हटाना काफी मुश्किल हो जाता है। अधिकांश गड्ढों का डामर बह जाने से उसकी बजरी पूरी सड़क पर फैल गई है। जो दोपहिया और साइकिल सवारों के लिए मुसीबत बन गई है। तेज रफ्तार से गुजरने के दौरान बजरी पर बाइक व साइकिल फिसल जाती है। जिससे वाहन सवार चुटहिल हो रहे हैं। कानपुर-लखनऊ मुख्य मार्ग होने के कारण प्रतिदिन हजारों की संख्या में भारी वाहन के साथ चौपहिया व दोपहिया वाहन गुजरते हैं। इसके बाद भी टोल वसूलने वाली पीएनसी कंपनी सड़क के गड्ढों की मरम्मत पर ध्यान नहीं दे रही है।