उन्नाव। कानपुर-लखनऊ के बीच बन रहे एक्सप्रेसवे (एनई-6) पर सितंबर महीने से यातायात शुरू करने की तैयारी जोरों पर है। सड़क सुरक्षा के मानकों पर गहन टेस्टिंग कराई जा रही है। पहले चरण की टेस्टिंग में एक्सप्रेसवे खरा उतरा है। कुछ मामूली खामियां मिली हैं जिन्हें तत्काल दुरुस्त कराया जा रहा है।
कानपुर-लखनऊ के बीच बन रहे 64 किमी लंबे एलिवेटेड एक्सप्रेसवे की उन्नाव जिले में लंबाई 45.3 किमी है। 11 जुलाई को एनएचएआई के रीजनल अफसर संजीव शर्मा ने इसका निरीक्षण किया था। उन्होंने उन्नाव से लखनऊ के बनी तक का काम अगस्त में पूरा करने और सितंबर से इस पर यातायात शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से निर्माण एजेंसी ने काम और तेज कर दिया है।
एनएचएआई और पीएनसी की टीम ने बुधवार रात को एक्सप्रेसवे पर अंधेरे में और रोड लाइट की रोशनी, दोनों ही स्थिति में कार व दूसरे वाहनों को 120 की रफ्तार से चलाकर देखा। सड़क के दोनों तरफ लाल-पीले रंग के रिफ्लेक्टर और सड़क की रेडियम युक्त सफेद पट्टी सहित अन्य संकेतकों की वजह से अंधेरे में और वाहन की हेडलाइट की रोशनी से डेढ़ किमी दूर तक सड़क के दोनों किनारे और संकेतक साफ नजर आए। कुछ स्थानों पर रोड साइड रिफ्लेक्टर की दिशा सही न होने पर उन्हें चिह्नित करके सुधारा गया। एक्सप्रेसवे पर लगे कैमरों की रात के समय की फुटेज भी जांची गई।
फोटो नंबर-10-नेवरना गांव में गंगा एक्सप्रेसवे के ऊपर से निकले पुल पर होता सड़क बनाने का काम। संवाद
नेवरना पुल पर बन रही सड़क, कोरारी आरओबी में पड़ रही स्लैब
निर्माण एजेंसी के मैनेजर के अनुसार एक्सप्रेसवे का 90 फीसदी काम पूरा हो गया है, बिछिया के नेवरना गांव के पास से निकले गंगा एक्सप्रेसवे के ऊपर पुल बनाकर इस एक्सप्रेसवे एनई-6 को निकाला जा रहा है। यहां पर लखनऊ की तरफ वाली लेन में स्लैब का काम पूरा हो गया है। रोड बनाने का काम चल रहा है।वहीं अचलंगज के कोरारी के पास रेलवे ट्रैक पर पुल बनाने के लिए कंक्रीट गर्डर रखे जा चुके हैं। बारिश न हुई तो 15 दिन में बाकी काम भी पूरा कर सड़क बन जाएगी।
जिम्मेदारों की बात
इस एक्सप्रेसवे एनई-6 की उन्नाव में आजाद मार्ग चौराहा से लखनऊ जिले की सीमा (बनी पुल) तक लंबाई 45.3 किमी है। 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। सुरक्षा के मानकों की जांच की जा रही है। जो छोटी-छोटी खामियां सामने आ रही हैं उन्हें तत्काल ठीक कराया जा रहा है।
आदित्य जैन, पीएनसी मैनेजर
एक्सप्रेसवे पर लखनऊ और कानपुर दोनों तरफ की लेन पर यातायात सुरक्षा के मानकों की जांच की जा रही है। निर्माण एजेंसी को अगस्त में काम पूरा करने को कहा गया है। सेफ्टी टेस्टिंग कराई जा रही है। तकनीकी टीम काम पूरा होने और सुरक्षा के बिंदुओं पर अपनी ओके रिपोर्ट देगी इसे यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
कर्नल शरद चंद्र सिंह, पीडी एनएचएआई