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नर्सिंग होम में छापेमारी, बदइंतजामी पर फटकारा

Fri, 04 Mar 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला, उन्नाव
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जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर कसबे के नर्सिंगहोमों में व्यवस्थाओं का जायजा लिया। औचक छापेमारी के दौरान हड़कंप मच गया। कई नर्सिंग होम में खामियां मिलने व गंदगी पर संचालकों की कड़ी फटकार लगाई गई। संचालकों को हफ्ते भर के अंदर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर रिपोर्ट करने को कहा गया है। ऐसा न होने पर कार्रवाई की बात कही गई।
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जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से गुरुवार को सिटी मजिस्ट्रेट शंकर मुखर्जी व नायब तहसीलदार हसनगंज ए.ए. खान की अगुवाई में नर्सिंगहोमों पर छापा मारा गया। सिटी मजिस्ट्रेट की टीम ने राजधानी मार्ग स्थित कृष्णा हास्पिटल, इंद्रप्रस्थ नर्सिंग होम, सुषमा नर्सिंग होम व शांति मेडिकल सेंटर में छापेमारी की। जबकि नायब तहसील की टीम ने बाला जी हास्पिटल, चंद्रकुसुम नर्सिंग होम, कैलाश हास्पिटल सहित एक अन्य नर्सिंग होम पहुंचे।  सभी नर्सिंग होम व हास्पिटल में रजिस्ट्रेशन, प्रशिक्षित स्टाफ  के साथ उनके पास डिप्लोमा व साफ  सफ ाई के अलावा अग्निरोधक यंत्र, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं सहित अन्य व्यवस्थाएं देखी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सुषमा हास्पिटल, बाला जी हास्पिटल, चंद्रकुसुम हास्पिटल में कुछ अनियमितताएं देख अधिकारियों ने उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। हास्पिटल संचालक कागजात नहीं दिखा पाएं उन्हें जल्द दिखाने के निर्देश दिए। बताया गया कि बाला जी नर्सिंग होम में सीढ़ियों की रेलिंग टूटी व डस्टबिन बॉक्स गंदा मिला। अस्पताल में ही चाय की गुमटी लगी मिली। इसी तरह चंद्रकुसुम के बाहर मिनरल वॉटर के जरीकेन फै ले देखे गए। सुषमा में मेडिकल कचरा निस्तारण का कोई प्रबंध नहीं मिला। जिसके लिए सभी को फ टकार भी लगाई गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि कुल आठ नर्सिंग होम व हास्पिटल में औचक छापेमारी की गई है। कुछ में खामियां मिली है जिसके लिए नर्सिंग होम संचालकों को दिशा निर्देश दे दिए गए है। रिपोर्ट बनाकर डीएम को सौंपी जाएगी। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें नगर में पहुंच कर सूची के अनुसार रजिस्टर्ड 8 नर्सिंग होम में छापेमारी की। लेकिन करीब 6 से अधिक ऐसे नर्सिंग होम है जहां टीमें पहुंची ही नहीं। इस बारे में प्रथम टीम का नेतृत्व कर रहे नायब तहसीलदार ए.ए. खान ने बताया कि 8 की ही सूची उपलब्ध कराई गई थी। वहीं एसीएमओ डा. आर.के गौतम ने बताया कि नगर में 8 रजिस्टर्ड नर्सिंग होम है जिनकी सूची दी गई। शेष के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

नहीं हुई झोलाछापों पर कार्रवाई
बताते चलें कि नगर के नर्सिंग होम में कुछ माह पूर्व ही स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी हुई थी। लेकिन गंगाघाट थाना क्षेत्र में काबिज करीब आधा सैंकड़ा झोलाछाप डाक्टरों के विरूद्ध अब तक एक भी बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है। जबकि इनके कारण कई लोगाें की जान तक जा चुकी है। बीते फ रवरी माह में ही नगर के पोनीरोड झंडा  वाला चौराहा स्थित एक झोलाछाप के गलत इंजेक्शन लगाए जाने से एक बच्ची की मौत हो गई थी।
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