असोहा। जीवित पिता को मृत दिखाकर मृतक आश्रित कोटे से सहायक शिक्षक की नौकरी हासिल की गई। इस मामले में बीएसए ने जांच शुरू की है। शिकायतकर्ता ने बीईओ से रिकवरी और जालसाजी की प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।
लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के कोराना गांव निवासी ललितेश सिंह ने शिकायत की है। उनके अनुसार, रामबरन यादव ने अपने पिता श्रीराम को 2002 में मृत दर्शाकर 2004 में यह नौकरी पाई। वह हिलौली ब्लॉक के खेरवा स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल में तैनात है। रामबरन और उसकी मां 25 साल से सरकारी धन का गबन कर रहे हैं। मां को भी पिता की मृतक आश्रित पेंशन मिल रही है। शिकायतकर्ता ने केशव प्रसाद मौर्य और शिक्षा निदेशक को भी शिकायत भेजी थी। बीएसए शैलेष कुमार पांडेय ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। संवाद