उन्नाव। मुख्यमंत्री के ओएसडी ने जिले में संचालित अंधता निवारण प्रोग्राम का औचक निरीक्षण किया। उन्हें आंखों के ऑपरेशन के लिए न तो ओटी मिली और न ही वार्ड मिला।
इतना ही नहीं आंखों की जांच के लिए अस्पताल में रखी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप मशीन भी बंद मिली। निरीक्षण के बाद उन्होंने सीएमओ कार्यालय में अधिकारियों से वार्ता की और बाद में डीएम से मुलाकात करने के बाद लखनऊ लौट गए।
मुख्यमंत्री ओएसडी (ऑफीसर ऑन स्पेशल ड्यूटी, एडवाइजर ऑफ स्टेट ब्लांडनेस कंट्रोल प्रोग्राम) डॉ. विकास सेठी बुधवार सुबह 10.15 पर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पुरुष वार्ड का निरीक्षण किया। यहां सब ठीक मिला। उसके बाद वह दूसरी मंजिल पर बने नेत्र परीक्षण कक्ष पहुंचे।
यहां मरीजों के आंखों की जांच के लिए रखी ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप मशीन बंद मिली। उन्होंने नाराजगी जताई और ऑपरेट कर रहे कर्मचारी को फटकार भी लगाई। उसके बाद वह डॉक्टर कक्ष पहुंचे। यहां डॉ. फैसल व डॉ. एके वैद्या मौजूद थे। आंखों के मरीजों के लिए अलग से ओटी व वार्ड न होने पर श्री सेठी ने डॉक्टरों से जानकारी ली कि वह आंख के मरीजों का ऑपरेशन कैसे करते हैं और करने के बाद उन्हें कहां लिटाया जाता है।
इस पर डॉक्टरों का कहना था कि आई डिपार्टमेंट के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं है। ओटी व वार्ड तो दूर स्टाफ भी पर्याप्त नहीं है। जिससे काम करने में दिक्कतें आ रही हैं। निरीक्षण करने के बाद वह सीधे सीएमओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सीएमओ डॉ. गीता यादव, सीएमएस डॉ. एसपी चौधरी के अलावा आंख के डॉक्टरों के साथ अंधता निवारण कार्यक्रम के संचालन की समीक्षा बैठक की।
पूछा कि ऑपरेशन के बाद मरीजों को चश्मा दिया जा रहा है कि नहीं। इस पर कार्यालय के बाबू ने बताया कि पिछले बजट से चश्मे दिए जा रहे हैं इस बार कोई बजट अभी तक नहीं आया है। डॉक्टरों का कहना था कि ऑपरेटिंग माइक्रोस्कोप पुराने हो चुके हैं इसलिए काम करने में दिक्कतें आ रही हैं।
सभी की समस्या को उन्होंने नोट कराया और जल्द ही उनके निदान का आश्वासन दिया। इस दौरान उन्होंने आंख के ऑपरेट हुए मरीजों की संख्या भी जानी। बैठक के बाद श्री सेठी ने डीएम से मुलाकात की और लखनऊ रवाना हो गए।
डॉ. विकास सेठी ने बताया कि शासन की संचालित योजना अंधता निवारण कार्यक्रम की हकीकत देखने के लिए वह आए हैं लेकिन उन्हेें कमियां क्या मिली। इसे बताने में हिचकिचाते रहे। कई बार पूछने पर उन्होंने कहा कुछ कमियां मिली हैं उसमें सुधार कराया जाएगा।