उन्नाव। देश की पहली एआई आधारित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में शुक्रवार से नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ हो गया। पहले ही दिन छात्रों को अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी गई। देश की बड़ी इंडस्ट्री-पार्टनर्स और विषय विशेषज्ञों ने छात्रों से सीधे बात की। इसका उद्देश्य छात्रों को इंडस्ट्री रेडी बनाना है। यूनिवर्सिटी ने 20 से अधिक ग्लोबल टॉप कंपनियो के साथ इसके लिए एमओयू किए हैं।
देश की पहली एआई आधारित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के 26 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्घाटन किया था। राष्ट्रीय संस्थानों, मल्टीनेशनल कंपनियों और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों से आए विशेषज्ञों को एक ही मंच पर एकत्र कर छात्रों को पहले दिन से ही इंडस्ट्री के अनुकूल तैयार करने की कोशिश की गई।
यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा कम्युनिकेशन के बदलते ट्रेंड और फ्यूचर जॉब्स विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें हार्ड स्किल्स, सॉफ्ट स्किल्स और पावर स्किल्स की भविष्य की नौकरियों में क्या भूमिका होगी इस पर बात की गई। इस अवसर पर बिज़नेस स्टैंडर्ड, दिल्ली के रीजनल हेड मार्केटिंग श्री श्रिष मुद्गल ने छात्रों को संबोधित किया और इंडस्ट्री की बदलती ज़रूरतों पर प्रकाश डाला।
इसी तरह स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में इसरो, लखनऊ सेंटर के वैज्ञानिक कमलेश कुमार शर्मा ने अंतरिक्ष मिशन के वर्तमान और भविष्य विषय पर विशेष सत्र में संवाद किया। उन्होंने भारत की स्पेस टेक्नोलॉजी में हो रहे नवीनतम बदलावों, हालिया मिशनों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
इसी तरह एमबीए छात्रों के लिए आयोजित एक विशेष सत्र में फ्रेडी जोसेफ वेल्सपथी, सीनियर बिजनेस मैनेजर एजुकेशन, एसएएस इंस्टीट्यूट इंडिया पीवीटी. एलटीडी ने 21वीं सदी की वो स्किल्स, जिनकी इंडस्ट्री को मैनेजर्स से उम्मीद है विषय पर अपनी बात रखी।
इसी क्रम में, इंजीनियरिंग छात्रों के लिए ड्रोन टेक्नोलॉजी पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें मिलिंद राज, जिन्हें ड्रोन मैन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है, ने ड्रोन टेक्नोलॉजी में हो रहे अत्याधुनिक नवाचारों और उनके विविध उपयोगों की जानकारी साझा की। स्कूल ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित विशेष सत्र में आईआईएम लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. अरुणाभ मुखोपाध्याय ने लेवरेजिंग एआई, ब्लॉकचेन एंड द मेटावर्स फॉर कॉम्पेटिटिव एडवांटेज विषय पर छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लॉकचेन और मेटावर्स जैसी तकनीकें न केवल बिज़नेस, बल्कि गवर्नेंस के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकती हैं।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का कहना है कि यह सत्र उस सोच को और मजबूत करते हैं जो शिक्षा को इंडस्ट्री से जोड़ने और छात्रों को शुरुआत से ही इंडस्ट्री के लिए तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है।