उन्नाव। दो पक्षों में 12 साल पहले हुए आपसी संघर्ष की घटना में दर्ज क्रॉस मुकदमे में एक पक्ष पर गैर इरादतन हत्या करने के प्रयास और दूसरे पक्ष महिला पर तेजाब फेंकने का दोष साबित हुआ है। न्यायालय ने एक पक्ष के पांच दोषियों को छह-छह साल की सजा और प्रत्येक पर 1.40 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। वहीं दूसरे पक्ष के तीन दोषियों पर छह साल की सजा और 2.10 लाख रुपये अर्थदंड लगाया है।
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के सर्वोदय नगर निवासी संजय ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 सितंबर 2013 की शाम 5:30 बजे रामचंद्र वर्मा ने बेटे अश्वनी और अविनाश के साथ आकर दुकान न खाली करने की रंजिश में उसे (संजय) को पीटने लगे। बचाने में मां उमा, भाई टीटू और दीपक को डंडों से पीटा और मां उमा पर तेजाब फेंका और जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।
वहीं दूसरे पक्ष से अविनाशचंद्र ने पुलिस को तहरीर दी थी कि पिता रामचंद्र, दुकान के बाहर लेटे थे, उनके पैर रामऔतार की तरफ थे। रामऔतार ने विरोध किया और संजय, दीपक गुप्ता, टीटू उर्फ दीपक दुबे, बबुआ और महेश के साथ मिलकर मारपीट की। घटना में पिता रामचंद्र और भाई अश्वनी घायल हो गए। पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर क्रॉस रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। एक मुकदमे के विवेचक अमर सिंह और दूसरे के अजय सिंह थे। न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मुकदमा अपर जिला जज तृतीय की न्यायालय में विचाराधीन था। मंगलवार को सुनवाई पूरी हुई।
दोष साबित होने पर न्यायाधीश ममता सिंह ने रामचंद्र वर्मा, उसके बेटे अश्वनी और अविनाश को छह-छह साल की जेल और प्रत्येक पर 70-70 हजार रुपये जुर्माना लगाया। दूसरे पक्ष से संजय, दीपक गुप्ता, टीटू उर्फ दीपक दुबे, बबुआ, महेश का दोष साबित होने पर छह-छह साल की सजा और प्रत्येक पर 1.40 लाख रुपये अर्थदंड लगाया है।