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Unnao News: नजरअंदाज किया पैमाना, सड़क से ऊंचा बनाया नाला

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उन्नाव। शहर के वीआईपी क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बनाए जा रहे नाले में भी पैमाने का ध्यान नहीं रखा गया। अफसरों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही से नाला कहीं छह तो कहीं 10 इंच तक ऊंचा बना है। इससे जलभराव की समस्या दूर होने पर सवाल उठ रहे हैं।
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शहर के वीआईपी क्षेत्र सिविल लाइंस में पुलिस लाइन रोड, एसपी कार्यालय तिराहा, कचहरी रोड और हरदोई रोड पीडब्ल्यूडी कार्यालय तक हल्की बारिश में ही घुटनों तक जलभराव हो जाता है। वर्षों पुरानी जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सिंचाई विभाग कार्यालय से कब्बाखेड़ा तक 800 मीटर लंबा नाला बन रहाहै। इस नाले को कब्बाखेड़ा में जेल नाला से जोड़ा जाएगा। नाला निर्माण पर 1.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दावा है कि इससे वीआईपी क्षेत्र व आसपास के मोहल्लों में रहने वाले एक लाख लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
सड़क के दोनों तरफ सिंचाई विभाग से एसपी कार्यालय तक ढलाई का काम हो चुका है। इसमें मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। यही कारण रहे कि नाले की ऊंचाई कई स्थान पर छह से 10 इंच तक ज्यादा हो गई है। अफसरों का कहना है कि नाला बनने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। तब सड़क और नाले का लेवल बराबर हो जाएगा। लेकिन क्या सड़क को छह से 10 इंच तक ऊंचा बनाया जाएगा, इस पर संदेह है। दरअसल, नाले के समानांतर सड़क की मरम्मत होनी है। मरम्मत के काम में अमूमन गड्ढों को गिट्टी से भरकर उस पर कंक्रीट और तारकोल की पतली सतह बिछाई जाती है। इससे सड़क का स्तर दो से ढाई इंच तक बढ़ता है। अगर इसी तरह सड़क का निर्माण यहां भी हुआ तो आने वाली बरसात में एक बार फिर वीआईपी क्षेत्र के लोग जलभराव की समस्या से जूझ सकते हैं।
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इनसेट-
जलनिकासी व्यवस्था ध्वस्त होने से क्षेत्र के लोग करीब 10 साल से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। हल्की बारिश में ही नाली-नाला उफनाने से पुलिस अधीक्षक व अन्य सरकारी कार्यालय भी जलमग्न हो जाते हैं। जिला सत्र न्यायालय, आंबेडकर पार्क तिराहा पर घुटनों तक जलभराव हो जाता है।

क्या कहते हैं लोग
सिविल लाइंस निवासी आदित्य सिंह ने बताया कि क्षेत्र में काफी समय से जलभराव की समस्या थी। नाला निर्माण सराहनीय काम है। लेकिन कई स्थानों पर सड़क से ऊंचा बनाने से जलनिकासी प्रभावित हो सकती है। अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।

फैज खान ने बताया कि हल्की सी बारिश में दुकानों के भीतर तक पानी भर जाता है। नाला बनने से समस्या हल होने की उम्मीद है। हालांकि नाला निर्माण में मानकों का ध्यान न रखने से कई स्थानों पर यह ऊंचा हो गया है। इससे जलभराव होगा सड़क टूट जाएगी।

बोले जिम्मेदार
नाला का निर्माण शुरू हो गया है। काम पूरा होने में करीब एक महीने का वक्त लगेगा। इसके बाद सड़क बनाई जाएगी। सुचारू जलनिकासी सुनिश्चित कराने के लिए नाले और सड़क का लेवल बराबर रखा जाएगा।
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- हरदयाल अहिरवार, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड पीडब्ल्यूडी
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