सफीपुर कोतवाली में मौलाना व पुलिस अधिकारियों से वार्ता करती आईजी रेंज लखनऊ लक्ष्मी सिंह।
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सफीपुर(उन्नाव)। कोतवाली क्षेत्र के पीखी समेत कुछ अन्य गांव मोहर्रम पर ताजिया दफनाने के दौरान विवाद को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व ताजिया को लेकर पुलिस द्वारा दर्ज की गई एनसीआर की गंभीरता और कोरोना को लेकर शासन की गाइड लाइन का पालन का जायजा लेने के लिए आईजी रेंज लखनऊ ने रविवार को जिले का दौरा किया। उन्होंने सफीपुर कोतवाली का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान संवेदनशील गांव की जानकारी ली। आईजी ने अनसुलझी घटनाओं के खुलासे के निर्देश दिए।
आईजी (पुलिस महानिरीक्षक) लखनऊ रेंज लक्ष्मी सिंह रविवार सुबह लगभग 9.30 बजे सफीपुर कोतवाली पहुंची। आईजी को देख पुलिस कर्मियों के हाथ-पैर फूल गए। सीओ एमपी शर्मा के अलावा कोतवाल हरिकेश राय के साथ आईजी ने मोहर्रम पर ताजिया दफनाने को लेकर पूर्व में संवेदनशील रहे गांवों के बारे में जानकारी ली। पुलिस ने पीखी गांव में पूर्व में हुए विवाद और वहां सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम की जानकारी दी। इसके बाद आईजी ने मोहर्रम त्योहार के मद्देनजर कोतवाली परिसर में उपस्थित मौलाना और वर्ग विशेष के लोगों से बातचीत की। उन्होंने सभी से कोविड नियमों का पालन कर त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से मनाए जाने की अपील की। मौलाना समेत अन्य वर्ग विशेष के लोगों ने सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार को ताजिया का अपमान किए जाने की घटना में चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की मांग की। आईजी ने जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आईजी ने कोतवाली के टॉप-10 अपराधी, भू-माफिया, सक्रिय अपराधियों के चिह्नांकन व कार्रवाई के निर्देश दिए। लूट व हत्या आदि की अनसुलझी घटनाओं के जल्द खुलासा करने को कहा। एएसपी दक्षिणी धवल जायसवाल, एसडीएम राजेंद्र कुमार समेत अन्य उपस्थित रहे।
औरास थाना जाने की सूचना पर अलर्ट हुई पुलिस
औरास प्रतिनिधि के अनुसार सफीपुर से निकलने के बाद आईजी के औरास थाना का निरीक्षण करने की सूचना पर औरास पुलिस अलर्ट रही। एसओ राजबहादुर ने उन्हें अपने थाना क्षेत्र की सीमा से रिसीव किया। हालांकि आईजी थाना नहीं गई और औरास कट से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे के रास्ते लखनऊ रवाना हो गईं।