उन्नाव में फोटो वायरल होने के मामले में निलंबित किए गए दरोगा उमेश त्रिपाठी। संवाद
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उन्नाव। विद्यालय के एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे दरोगा जी की जुबान फिसल गई। छात्रों के सवालों पर दरोगा जी ने बड़ी बेबाकी से पैसे लेने के एवज में काम करने का जवाब दे दिया। सोमवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो एसपी ने दरोगा को निलंबित कर विभागीय जांच बैठा दी है। वहीं, दरोगा का कहना है कि उन्होंने वेतन की बात कही थी।
बीघापुर कस्बे के एक विद्यालय में 23 दिन पहले 26 नवंबर को पुलिस व छात्रों के बीच संवाद कार्यक्रम में बीघापुर थाने में तैनात दरोगा उमेश त्रिपाठी से छात्रों ने सवाल किया कि पुलिस पर पैसे लेकर काम करने के आरोप लगते हैं। जवाब में दरोगा ने कहा कि ‘पुलिस पैसे लेती है, तो काम भी करती है, अन्य विभाग तो रुपये लेने के बाद भी काम नहीं करते’।
दरोगा ने कोरोना काल का उदाहरण देते हुए कहा कि जब कई विभाग के कर्मी घरों मे थे, पुलिस बाहर अपना फर्ज निभा रही थी। वीडियो के वायरल होते ही लखनऊ से उच्चाधिकारियाें के फोन आने शुरू हुए तो एसपी दिनेश त्रिपाठी ने दरोगा को निलंबित कर सीओ बीघापुर डीपी सिंह को जांच सौंपी है। एसपी ने बताया कि वीडियो कई दिन पुराना है। फिलहाल दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। दरोगा उमेश त्रिपाठी का कहना है कि उनकी बात को गलत ढंग से पेश किया गया है। उनकी कही बात वेतन से संबंधित थी।