पत्नी की हत्या के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को दोषी पाते हुए दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह और जेल काटनी होगी।
फतेहपुर चौरासी थानाक्षेत्र के गांव राजेपुर में दो लाख रुपये की मांग पूरी न होने पर 9 मई 2016 को जया बाजपेई की ससुरालीजनों ने गला दबाकर हत्या कर दी थी। मृतका के भाई कानपुर के जवाहरनगर नजीराबाद निवासी गणेश मिश्रा ने पति अतुल, देवर शैलेंद्र, सास रामकुमारी, जीजा रमाकांत तिवारी, ननन छुन्नी, के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जया के पति अतुल व सास रामकुमारी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी। सुनवाई के दौरान ही हत्यारोपी सास राजकुमारी की मौत हो गई। न्यायाधीश रामप्रकाश पांडेय ने अभियोजन और बचाव पक्ष के वकीलों और गवाहों को सुनने के बाद पति को पत्नी की हत्या का दोषी पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता रामजीवन यादव की दलीलाें को सुनने के बाद न्यायाधीश ने मृतका के पति अतुल को दस साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड का भी आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।