उन्नाव। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मृत लावारिस युवक की मौत का पुलिस को मेमो भेजना डाक्टर भूल गए। सूचना न होने से युवक का शव आठ दिनों से पोस्टमार्टम हाउस के गेट के पास पड़ा है।
मंगलवार को मीडिया के जरिए सीएमएस को जानकारी हुई तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को मेमो भेजवाया। हालांकि देर हो जाने से मंगलवार को भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। सीएमएस ने बताया लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
छह फरवरी को लखनऊ-कानपुर हाइवे पर गदनखेड़ा चौराहा के पास गंभीर रूप से घायल पड़े एक युवक को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। घायल ने अपना नाम नंदलाल (45) निवासी कर्नलगंज कानपुर बताया था। कोतवाली पुलिस ने कर्नलगंज थाना पुलिस को सूचना भी दी थी मगर उसके परिजनों का पता नहीं चला। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 16 फरवरी की रात नंदलाल की मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने रात में ही शव को मोर्चरी में रखवा दिया था। लेकिन मृत्यु की सूचना कोतवाली भेजना भूल गए। आठ दिनों से पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पड़े शव की दुर्गंध से लोगों की मुश्किलें बढ़ीं तो सीएमएस डॉ. एसपी चौधरी को सूचना दी गई। कोतवाली प्रभारी ने मृत्यु सूचना का मेमो न मिलने की बात कही। इस पर सीएमएस ने मेमो काटकर कोतवाली भेजवाया।
हालांकि देर हो जाने के कारण मंगलवार को भी शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। सीएमएस ने बताया कि बुधवार सुबह शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। उन्होंने इसे गंभीर चूक बताते हुए कहा कि जांच कराई जाएगी और जो भी कर्मचारी या डॉक्टर इसके लिए दोषी होंगे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।