नगर पालिका ने महीनों से खराब ओवरब्रिज तिराहा की हाईमास्ट लाइट को ठीक करने के लिए बुधवार दोपहर का वक्त चुना। ओवरब्रिज ढाल पर हाइड्रोलिक लेडर खड़ी होने से सिविल लाइंस व कचहरी की ओर से आने और जाने वाले वाहन आपस में उलझ गए और जाम लग गया। कुछ ही देर में हरदोई की ओर आने-जाने वाले वाहन भी जाम में फंस गए। इसके चलते दो पहिया वाहन और पैदल जा रहे लोग भी घंटो जाम में फंसे रहे। कुछ ही देर में पूरा शहर जाम में जकड़ गया। हालत यह रही ओवरब्रिज से बड़ा चौराहा तक और आवास-विकास बाईपास तक वाहनों की कतारें लग गईं। इस दौरान तमाम स्कूली वाहन भी जाम में फंसे रहे और बच्चे पसीने से लतपथ हुए।
उधर, पीडब्ल्यूडी की लापरवाही बुधवार को एकबार फिर जाम का कारण बन गई। हुआ यह कि उन्नाव-चकलवंशी मार्ग निर्माण कराने के लिए इस मार्ग को नवंबर में दो महीने के लिए बंद किया गया था। इस दौरान लोनिवि ने बाबूगंज तिराहा के पास मार्ग बंद होने की सूचना लिखा एक बोर्ड लगवाया था। हैरानी का बात यह है कि निर्माण र्काय पूरा होने और रास्ता खुलने के चार महीने बीत जाने के बाद भी लोनिवि ने इस बोर्ड को नहीं हटाया। इससे हरदोई रोड से बिल्हौर, कन्नौज, आगरा और दिल्ली तक जाने वाले गैर प्रांतों के वाहन चालक बोर्ड की सूचना देखकर मोड़ पर रुक जाते हैं। वह आसपास लोगों से रूट की जानकारी लेते है और इसके बाद आगे जाते हैं। सड़क पर भारी वाहन खड़े होने से अक्सर जाम लगता है। बुधवार को भी इसी के चलते दो घंटे जाम लगा।
क्या बोले जिम्मेदार
लोनिवि के एक्सईएन एपी सिंह ने बताया कि जेई से जानकारी की जाएगी कि आखिर सूचना बोर्ड अब तक क्यों नहीं हटवाया गया। जल्द ही उसे हटवा दिया जाएगा। यातायात प्रभारी अवनीश यादव ने बताया कि नए रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के चलते कचहरी रोड रेलवे क्रासिंग कई महीने से पूरी तरह बंद थी। अब दो पहिया वाहन और साइकिल रिक्शा निकलने का रास्ता खोल दिया गया है। बताया कि अब जाम की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।