रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर लगे वाटर कूलर का कनेक्शन करते कर्मचारी।
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रेल यात्रियों की शीतल पेयजल समस्या को लेकर अमर उजाला की मुहिम काम आई और रेल अधिकारियों की नींद टूटी। विभाग ने तय तिथि से दस दिन पहले ही स्टेशन पर लगे वाटर कूलरों को चालू करवाया और मंगलवार को इस भीषण गर्मी में ठंडा पानी मिलना शुरू हो गया है।
बीते एक पखवाड़ा से मौसम काफी गरम हो गया है। तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, लेकिन रेलवे स्टेशन पर लगे वाटर कूलरों को विभाग ने चालू नहीं करवाया था। यात्रियों की इस समस्या को लेकर जब अमर उजाला ने विभागीय अधिकारियों से बात की तो उन्होंने इन्हें विभाग की ओर से तय की गई तिथि 15 अप्रैल से शुरू करने की बात कही।
अमर उजाला ने ‘शीतल जल के लिए है तारीख का इंतजार’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
इसके बाद बीती चार अप्रैल को भी इस समस्या पर एक खबर प्रकाशित की। खबर छपने के दूसरे दिन लखनऊ से रेलवे के इलेक्ट्रानिक विभाग के कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन पहुंचकर यहां लगे दो वाटर कूलरों को दुरुस्त कर इन्हें शुरू करवा दिया और मंगलवार को यात्रियों को ठंडा पानी मिलने लगा।