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मानसून की दस्तक, किसानों को मिली संजीवनी

Fri, 30 Jun 2017 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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it,s raining - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गुरुवार सुबह आसमान में धुंध छाने के साथ ही मौसम में बदलाव की उम्मीद नजर आई। सुबह करीब सात बजे के आसपास शहर क्षेत्र व कई ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की बारिश होने से लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की। हालांकि दोपहर को उमस ने बेहाल कर दिया। दोपहर तक आसमान में बादलों की आंखमिचौनी रही। करीब दो बजे तेज हवाएं चलीं और कुछ ही देर में हल्की बारिश शुरू हो गई। इसके बाद तीन बजे तक बारिश हुई। कभी तेज और कभी धीमी बरसात से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली। वहीं किसानों के चेहरे खिल उठे। शहर के अलावा तहसील बांगरमऊ, हसनगंज, सफीपुर व पुरवा में ठीकठाक पानी बरसा। अच्छी बारिश होने से शाम तक खेतों पर किसानों चहलकदमी बढ़ गई। किसान अन्य फसलों को तैयार करने के लिए खेतों की जुताई के साथ ही धान की बेड़ों (पौध) की रोपाई करने में जुट गए।



कुछ घंटे की बारिश में ही शहर के ज्यादातर मोहल्लों में भीषण जलभराव हो गया। महीनों पहले से नाला सफाई का दावा कर रही नगर पालिका परिषद की पोल गुरुवार को एक बार फिर बारिश ने खोल दी। शहर के मुख्य मार्ग पर अताह उल्लाह नाला से छोटा चौराहा के बीच सड़क के दोनों ओर नाले का पानी उफनाकर सड़क पर बहने लगा। मुख्य मार्ग पर भीषण जलभराव होने से पूरा दिन दुकानदार व राहगीर जलभराव से जूझते रहे। जलभराव होने से लोगों में नपाप के खिलाफ काफी गुस्सा रहा। इसके अलावा ईदगाह, इंद्रानगर, डीएसएन कालेज रोड, आदर्शनगर, हिरननगर, पीडीनगर, कृष्णानगर, शिवनगर, सिविल लाइन, कब्बाखेड़ा, मौहारीबाग, कल्याणी कई मोहल्लों में जलभराव के हालात बने। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कतें उठानी पड़ीं।
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शहर से लेकर गांवों तक में रहा बिजली संकट
सुबह हुई बारिश के बाद से शहर के अलावा ग्रामीण इलाकोें की भी बिजली गुल हो गई। इस दौरान दोपहर तक बिजली आपूर्ति न होने से शहरियों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुंदनरोड उपकेंद्र से विभिन्न सबस्टेशनों को आई लाइनें कई जगह ब्रेकडाउन हुईं। कई मोहल्लों के ट्रांसफार्र्मर फुंक गए। जिससे क्षेत्रों की घंटों बिजली गुल रही। बिजली न आने से लोग बेहाल रहे। शाम करीब 3 बजे बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों की पानी की समस्या खत्म हो सकी। वहीं कूलर, पंखे व एसी चलने से गर्मी से भी निजात मिली।
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जिला कृषि अधिकारी अतींद्र सिंह ने बताया कि बारिश से किसानों को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। उन्होंने बताया कि सब्जी, दलहन और तिलहन और फूलों की खेती सभी के लिए फायदेमंद है। जिले में धान की बुआई का क्षेत्रफल लगभग गेहूं के बराबर ही है। इससे धान की रोपाई या पौध की लगाने की तैयारी कर रहे किसानों को लाभ मिलेगा। खेत तैयार करने के लिए सिंचाई में हजारों रुपये का डीजल बचेगा और मौसम में नमी होने से पौधों का विकास भी होगा।
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