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मरीज को खाली ऑक्सीजन सिलिंडर लगाने पर हंगामा

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उन्नाव। सांस लेने में तकलीफ होने पर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती हुए मरीज को स्टॉफ ने खाली सिलिंडर लगा दिया। तीमारदार ने गैस न होने की शिकायत की तो दूसरा सिलिंडर लाकर लगाया। वह भी 15 मिनट तक चलने के बाद बंद हो गया। इलाज में लापरवाही देख परिजन हंगामा करने लगे। आधे घंटे के अंतराल में पांच ऑक्सीजन सिलिंडर बदले गए लेकिन मरीज को राहत नहीं मिली। तीमारदाराें ने सिलिंडर में ऑक्सीजन न होेने की शिकायत डीएम से की। इसके बाद स्टोर से निकालकर ऑक्सीजन सिलिंडर लगाया गया। तब तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। बाद में डॉक्टर ने उसे कानपुर रेफर कर दिया।
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पुरानी बाजार मोहल्ला निवासी मनीष अग्रवाल (32) को रविवार रात 11 बजे अचानक सांस लेेने में तकलीफ हुई। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी आए। डॉ. गौरव अग्रवाल ने मरीज देखा और उसे भर्ती कर दिया। जरूरत होने पर वार्ड ब्वाय ने उसे ऑक्सीजन का खाली सिलिंडर लगा दिया। शिकायत पर दूसरा सिलिंडर लगाया। उसमें भी कुछ देर में ऑक्सीजन खत्म हो गई। हंगामा करने पर बाद में बारी-बारी से तीन और ऑक्सीजन सिलिंडर लगाए गए। पूरी न होने से सभी में ऑक्सीजन खत्म होती रही। परिजनों ने डीएम से शिकायत की। डीएम रवींद्र कुमार ने सीएमएस से मामले की जानकारी ली और ऑक्सीजन सिलिंडर उलपब्ध कराने को कहा। इसके बाद स्टोर से उसे भरा ऑक्सीजन सिलिंडर दिया गया। तब तक मरीज की हालत बिगड़ चुकी थी।
खाली सिलिंडर दिए जाने का आरोप गलत है। ऑक्सीजन सिलिंडर पार्याप्त मात्रा में हैं। मरीज को जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन दी जा रही थी। इसके बावजूद तीमारदारों ने हंगामा किया।
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-डॉ. बीबी भट्ट, सीएमएस
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