सफीपुर। सामुदायिक स्वास्थ्यकेंद्र में तैनात आयुष चिकित्सक के दूसरे स्वास्थ्य केंद्र में संबद्ध होने से मरीज परेशान हैं। डॉक्टर न होने से प्रतिदिन करीब चार मरीजों को बगैर इलाज के ही लौटना पड़ता है।
सीएचसी में एलोपैथिक के अलावा होम्योपैथिक व आयुर्वेदिक डॉक्टरों की भी तैनाती है। आयुर्वेद डॉ. लवकुश शुक्ला करीब सात सालों से संविदा पर तैनात थे। उनके पास रोजाना 30-40 मरीज आ रहे थे। करीब एक सप्ताह पहले उनका संबद्धीकरण फतेहपुर चौरासी ब्लॉक के गांव दबौली स्थित स्वास्थ्य केंद्र में कर दिया। इससे अस्पताल आने वाले मरीज परेशान हो रहे हैं। आयुर्वेद अस्पताल पहुंचीं शांती देवी ने बताया कि एलोपैथ दवा खाने से उन्हें रिएक्शन हुआ था। तब से आयुर्वेद डॉक्टर को दिखाकर ही दवा लेती हैं। अब कुछ आराम मिला है तो डॉक्टर यहां नहीं हैं। सीएचसी को गोद लेने वाले हज एवं वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने बताया कि उनका प्रयास है कि अस्पताल सभी आवश्यकताओं से सुसज्जित हो। आयुष के डॉक्टर का संबद्धीकरण समाप्त कर सीएचसी में तैनाती कराई जाएगी।