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सौ ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर खरीद का प्रस्ताव खारिज

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उन्नाव। कोरोना की तीसरी लहर पर काबू पाने की तैयारी रफ्तार नहीं पकड़ पा रही हैं। सांसद द्वारा निधि से सौ मेडिकल ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर खरीद के प्रस्ताव को परियोजना निदेशक ने गाइडलाइन का हवाला देकर खारिज कर दिया है। जिले के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना में अभी तक सिर्फ दो अस्पतालों में फाउंडेशन का काम शुरू हो पाया है।
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मार्च व अप्रैल में कोरोना की दूसरी लहर में आक्सीजन की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई थी। समय पर ऑक्सीजन न मिलने से कई लोगों की मौत भी हो गई थी। स्थिति से निपटने के लिए शासन-प्रशासन ने भविष्य में आक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता के लिए कवायद शुरू की थी। 13 मई को सांसद साक्षी महाराज ने डीएम व सीडीओ को पत्र भेजकर सांसद निधि से 100 मेडिकल ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर खरीदने का स्वीकृति पत्र दिया था। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा संशोधित निधि गाइडलाइन का हवाला देते हुए सांसद ने प्राथमिकता पर आक्सीजन उपलब्ध कराने को कहा था। उन्होंने निधि से 76 लाख रुपये विकास लाइट वर्ल्ड प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली को प्रदान करने को कहा था। सांसद निधि के नोडल विभाग जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) ने सांसद निधि गाइडलाइन में कंस्ट्रेटर खरीद न होने की बात कहकर खरीद प्रस्ताव को निरस्त कर दिया। डीआरडीए परियोजना निदेशक जनार्दन सिंह ने बताया कि कंस्ट्रेटर की खरीद सांसद निधि की गाइडलाइन में नहीं है। इसलिए प्रस्ताव वापस कर दिया गया है।
जिले के पांच अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना पर पूरी तरह अमल शुरू नहीं हुआ है। अभी तक सिर्फ बिछिया और बांगरमऊ स्वास्थ्य केंद्र में ही काम शुरू हो पाया है। निर्माण एजेंसी के क्षेत्रीय प्रबंधक के मुताबिक इन दोनों अस्पतालों में आक्सीजन प्लांट लगाने का काम 15 जुलाई तक हो जाएगा। जिला अस्पताल, मौरावां व औरास में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने की कार्ययोजना अभी फाइलों में अटकी है। प्लांट निर्माण करने वाली संस्था उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक एके अवस्थी ने बताया कि तीन स्थानों के लिए वर्क आर्डर जारी करने का प्रयास किया जा रहा है। काम समय से पूरा कराया जाएगा।
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कोरोना की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर जांच के लिए उन्नाव लखनऊ पर निर्भर है। इस कारण हजारों सैंपल की रिपोर्ट के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मौजूदा समय में 2362 सैंपल की रिपोर्ट आने का इंतजार है। समस्या को हल करने के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष व भगवंतनगर विधायक हृदय नारायण दीक्षित ने जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर मशीन लगाने के लिए 20 अप्रैल को विधायक निधि से 45 लाख और पुरवा विधायक ने मौरावां स्वास्थ्य केंद्र के लिए निधि से 34.80 लाख दिए थे। पैसा जारी होने के बाद भी जेम पोर्टल पर जरूरी प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है। फिलहाल आरटीपीसीआर जांच मशीन खरीदने की योजना भी सुस्त है।
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