बीघापुर। बुखार व खांसी और ऑक्सीजन स्तर कम होने से कस्बे में 24 दिन (16 अप्रैल से 10 मई तक) में 41 लोगों की मौत हो गई। इससे लोगों में दहशत हैं। पीएचसी में इलाज की पर्याप्त सुविधा न होने और जांच न कराए जाने से लोगों को समय से सही उपचार नहीं मिल सका। स्वास्थ्य विभाग अभी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
गांधीनगर निवासी मुन्नीलाल (61), मिथिलेश कुमारी (65), शिवकली (75), नागेश्वर मोहल्ले के जंतुन (45), खैरुन्निसा (70), पुत्तन वर्मा (55), कुंवारे (70), छोटेलाल (80), चंद्रभान सिंह (64), शास्त्री नगर निवासी नगर पंचायत अध्यक्ष के छोटे भाई कृष्णनारायण शुक्ल (61), पूर्व सभासद संतोष भारतीय की पत्नी बबली (45), पन्नालाल (50), सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत बल्लभ शुक्ल (85), माया बाजपेयी (45), ईश्वरदीन यादव (80), संदोही नगर निवासी रामकुमार (61), रमाकांती (56), रामदेव (80), सूर्यप्रसाद अवस्थी (85), आजाद नगर निवासी काजल, अंबेडकर नगर के आचार्य विनोद कुमार शुक्ल, माया देवी(48), धुंनर देवी (82), सौरभचंद्र, गोदावलेश्वर नगर के संतोष कुमार (61), रघुनंदन गुप्ता (85), कमल किशोर चौधरी (52), हलीमा (76), जमीला बानो (70), व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष शिव प्रसाद बाजपेयी (56), तिलकनगर के अलोपी (72), सरस्वती (46), शिवदेवी (58), कमला देवी (86), शंकरनगर की नीलम देवी (53), मिथिलेश कुमारी (65), शिवविलास कश्यप (68), पटेल नगर के नरेंद्रकुमार (52), रामकुमार (90), मिथिलेश कुमार (65), रामगुलाम (86) व विपिन (46)
बीघापुर पीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज पांडेय ने कहा कि उपलब्ध दवाओं से ही इलाज किया जाता है। एक्सरे, अल्ट्रासाउंड व खून की जांच की सुविधा पीएचसी में नहीं होती है। इसलिए जिला अस्पताल भेजा जाता है।