उन्नाव। प्रधानमंत्री से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भले ही कोरोना को लेकर सतर्क रहने और जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं का आह्वान कर रहे हो, लेकिन जिले में इसका असर नहीं दिख रहा है। आम लोगों के साथ ही जिम्मेदार भी उदासीन हो रहे हैं। कोरोना हेल्प डेस्क महज दिखावा साबित हो रही हैं।
संक्रमण से लोगों को बचाने और चिह्नित करने के लिए सभी विभागों, पुलिस थानों व सार्वजनिक स्थानों पर कोरोना हेल्प डेस्क बनाई गई हैं। इन डेस्कों पर कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। सभी आने जाने वालों की थर्मल स्क्रीनिंग के साथ हैंड सैनिटाइज कराना आवश्यक है। यह सिर्फ औपचारिकता ही साबित हो रहा है। कई विभागों में हेल्प डेस्क खत्म ही कर दी गई है। इससे लोग बिना थर्मल स्क्रीनिंग ही आ और जा रहे हैं। सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण कम होने पर कोरोना हेल्प डेस्क समाप्त नहीं करनी है। ऐसा कोई आदेश अभी शासन से नहीं आया है। सभी विभागों में हेल्प डेस्क के साथ उसमें थर्मल स्क्रीनिंग मशीन व सैनिटाइजर अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं हो रहा है तो कोरोना गाइड लाइन का उल्लंघन है।