नर्सिंगहोम के बाहर घटना की जानकारी देते महिला के परिजन।
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उन्नाव। बच्चेदानी में गांठ के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए महिला के परिजनों ने नर्सिंगहोम के बाहर हंगामा किया। स्टॉफ के भागने व संचालक के नर्सिंगहोम न पहुंचने पर पुलिस को सूचना दी। चौकी प्रभारी व प्रधान के हस्तक्षेप के बाद संचालक द्वारा इलाज को लिए गए 40 हजार रुपये लौटाने पर परिजन महिला को लेकर कानपुर हैलट अस्पताल चले गए।
बिहार थाना क्षेत्र के पोखरी गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार की पत्नी संतोषी की बच्चेदानी में गांठ थी। दो अक्तूबर को धर्मेंद्र ने पत्नी को सदर कोतवाली के ललखऊखेड़ा चौकी क्षेत्र स्थित एक नर्सिंगहोम में भर्ती कराया। वहां ऑपरेशन से गांठ निकालने के छह दिन बाद उसे घर भेज दिया गया। 16 अक्तूबर को ऑपरेशन की जगह पर मवाद निकलने से महिला की हालत बिगड़ गई। पति धमेंद्र के अनुसार उसने उसी नर्सिंगहोम संचालक से संपर्क किया। उसने मेडिकल कॉलेज ले जाने और पीछे से खुद आने की बात कही। 18 अक्तूबर की रात वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज में भटकता रहा पर संचालक नहीं पहुंचा।
इस पर सोमवार को पत्नी को लेकर उसी नर्सिंगहोम पहुंचा। पत्नी को देख स्टॉफ भाग निकला। कई बार फोन मिलाने के बाद भी संचालक ने फोन नहीं उठाया। इस पर पुलिस को जानकारी दी। ललऊखेड़ा चौकी प्रभारी विनोद यादव मौके पर पहुंचे और परिजनाें से वार्ता कर तहरीर देने की बात कही। इसके बाद संचालक नर्सिंगहोम पहुंचा और महिला के परिजनों से वार्ता की। घंटाें मशक्कत के बाद संचालक द्वारा 40 हजार रुपये लौटाने पर परिजन संतोषी को लेकर हैलट अस्पताल कानपुर चले गए। चौकी प्रभारी विनोद यादव ने बताया कि पीड़ित की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।