जिला अस्पताल में डाक्टरों को दिखाने के लिए भटकते मरीज।
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उन्नाव। जिला अस्पताल में ओपीडी की शुरुआत तो कर दी गई, लेकिन कोरोना के डर से डॉक्टर अभी पूरे समय मरीजों को नहीं देख रहे हैं। शुक्रवार को दूसरे दिन डॉक्टरों ने सिर्फ चार घंटे ही मरीजों को देखा। दोपहर 12 बजे से पहले ही वह अपनी सीट से उठ गए। दोपहर बाद आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ा।
ओपीडी के दूसरे दिन नाक कान व गला रोग विशेषज्ञ के साथ बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग व नेत्र रोग विशेषज्ञों ने ही अपने-अपने केबिन में रुककर मरीजों को देखा। दोपहर के 12 बजते ही सभी डॉक्टर सीट से उठकर चले गए। दोपहर 12 बजे तक जिला अस्पताल में 250 मरीजों की ओपीडी हुई। डॉक्टर के ओपीडी से उठने के बाद मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टर न मिलने से वह एक ओपीडी से दूसरी ओपीडी तक भटकते रहे। यही हाल महिला अस्पताल का भी रहा। यहां भी समय से पहले ही डॉक्टर ओपीडी से बाहर चली गईं।
अभी मरीजों की संख्या कम है। डॉक्टर अपने समय से ओपीडी में बैठ रहे हैं। समय से पहले उठने की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा हो रहा है तो उसमें सुधार किया जाएगा।
डॉ. बीबी भट्ट, सीएमएस