उन्नाव। बिना सूचना व स्वास्थ्य की जांच कराए अपने घरों में छिपे प्रवासियों को चिन्हित कर उनका स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अभियान शुरू किया है। ग्राम प्रधानों, नगरीय क्षेत्रों में सभासदों और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से ऐसे लोगों को चिन्हित करके सैंपल की जांच कराई जाएगी। ताकि इन प्रवासियों और उनके परिवारों व आसपास के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके।
दूसरे राज्यों व शहरों से लौट रहे प्रवासी शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में अपने घर पहुंच रहे हैं। जिला प्रशासन के आंकड़ों में 45691 प्रवासी दर्ज हुए हैं। जबकि दस से पंद्रह हजार प्रवासी ऐसे हैं जो पैदल व निजी वाहनों से लौटकर घर पहुंचे हैं। इन प्रवासियों ने क्वारंटीन और सैंपल जांच से बचने के लिए बिना सूचना अपने घरों में ही रह रहे हैं। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने से परेशान जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब ऐसे प्रवासियों की तलाश करा रहा है। इसके लिए जिले स्तर से छह टीमें बनाई गई हैं।
प्रवासियों के चिन्हांकन के लिए गांव की आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी की मदद ली जा रही है। नगरीय क्षेत्रों में सभासदों की मदद ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 300 ऐसे प्रवासियों को चिन्हित किया गया है जो बिना क्वारंटीन या जांच कराए घर चले गए हैं। इन सभी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। सभी को होम क्वारंटीन करते हुए उनके सैंपल की रिपोर्ट का इंतजार है।
सीएमओ कैप्टन डॉ. आशुतोष कुमार ने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए डीएम ने जांच न कराने वाले प्रवासियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए टीमें लगाई गई हैं।
जिले में पहले जांच करा चुके प्रवासियों की पहली रिपोर्ट निगेटिव व दूसरी पॉजिटिव आने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट हुआ है। डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि जो प्रवासी पहले जांच करा चुके हैं उनका दूसरा सैंपल जांच के लिए भेजा जाए ताकि वह संक्रमित हैं या नहीं पता चल सके। इससे जिले में बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के साथ संपर्क में रहने वाले लोगों को भी बचाया जा सकता है।