बड़ौरा गांव में रोती बिलखती मृतका की मां गंगादेवी।
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अचलगंज थानाक्षेत्र के बड़ौरा गांव निवासी कुलदीप गप्ता की पत्नी रजनी (27) का शव उसके ही घर के कमरे में पंखे से गले में दुपट्टा बांध लटका मिला। जिस तख्त के ऊपर रजनी का शव फंदे से लटक रहा था उसी तख्त पर डेढ़ साल की बेटी यशी भी मृत पड़ी थी। रजनी के पैर और तख्त के बीच करीब दो इंच फासला था जबकि बच्ची की गले पर दबाने के निशान मिले हैं।
मृतका के पति के मुताबिक रात में उसकी पत्नी, बेटी के साथ छत पर सोई थी। तड़के पत्नी बेटी को लेकर नीचे कमरे में सोने चली गई थी। सुबह काफी देर तक कमरे से बाहर न निकलने पर देखा तो रजनी का शव फांसी पर लटका था और बेटी मृत पड़ी थी। वह इस बात पर चुप है कि अगर उसकी पत्नी ने आत्महत्या की तो उसकी वजह क्या है। मां-बेटी की मौत की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
सूचना पर अचलगंज थानाध्यक्ष देवेंद्र सिंह और सीओ आरके चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। पुलिस जब पहुंची तो कमरे का दरवाजा खुला हुआ था। शुरुआती तफ्तीश के बाद पुलिस मां-बेटी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मां बेटी की मौत की खबर सुनकर ग्रामीणों का भी मजमा लग गया। जानकारी होने पर कानपुर के चौबेपुर कस्बा निवासी मृतका की मां गंगादेवी पत्नी स्व. रामस्वरूप और बड़ी बहन नीतू गुप्ता पत्नी विजय गुप्ता शिवली कानपुर से यहां पहुंची।
उन्होंने अतिरिक्त दहेज और संपत्ति के लिए रजनी और उसकी मासूम बेटी की हत्या करने का आरोप लगाया। मां गंगादेवी ने बताया कि उसने 9 फरवरी 2014 को बेटी रजनी की शादी कुलदीप से की थी। करीब एक साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी इसके बाद से कुलदीप और उसके परिवार के लोग मायके की जमीन और घर अपने नाम कराने की मांग कर रहे थे।
रजनी मां के जीवित रहने तक संपत्ति न लेने की बात कहती तो उसके साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। बहन नीतू ने पुलिस को बताया कि सुसराल के लोग रजनी को पहले भी कई बार बेरहमी से पीट चुके हैं। बहन की तहरीर पर पुलिस ने पति के अलावा सास फूलमती, ससुर रमेश, भाई कुलदीप, संदीप समेत सात लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।