उन्नाव। इस बार बरसात में शहर टापू न बने, इसके लिए नगर पालिका नालों की सफाई पर करीब पचास लाख रुपये खर्च कर रही है लेकिन इसमें औपचारिकता फिर मुसीबतों की बाढ़ ला सकती है। 15 जून तक शहर के सभी नाले साफ करने का लक्ष्य है लेकिन रविवार तक 76 में 37 नाले ही साफ हो पाए हैं। ऐसे में बारिश होने पर जलभराव की समस्या से जनता जूझी तो पालिका को माफ नहीं करेगी।
कभी संसाधनों की कमी तो कभी बजट का टोटा होने से नाला सफाई समय पर नहीं हो पाई। हालत ये है कि शहर के आधे नाले जाम पड़े हैं। 38 स्थान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां लोगों ने नाले पर दीवारें बना ली हैं। हालांकि नगर पालिका के अधिकारी ज्यादा मजदूर लगाकर सिल्ट सफाई कराने की बात कह रहे हैं लेकिन तीन दिन में ये काम मुश्किल है।
ये प्रमुख नाले जाम
अलाउल्ला नाला, मोतीनगर नाला, एबी नगर नाला और बाबूगंज नाले पर अधिकांश क्षेत्रों की जलनिकासी टिकी है। ये नाले जाम हैं, ऐसे में बारिश हुई तो शहर में जलभराव तय है। लोधनहार नाला, कांशीराम कालोनी नाला, मोती नगर नाला, शाहगंज नाला, कब्बाखेड़ा नाले की सफाई न होने से शहर में बारिश के बाद खासी दिक्कत खड़ी होती है। सिविल लाइन से लेकर कब्बाखेड़ा तक जलभराव हो जाता है।
नगर पालिका के प्रभारी ईओ/ एसडीएम सदर सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि नालों की सफाई कराई जा रही है। प्रयास है कि इसी माह सफाई हो जाए। पालिका में कर्मचारियों की कमी के कारण एक निजी संस्था के माध्यम से श्रमिक लगाए गए हैं। जहां अतिक्रमण है, वहां सफाई कर्मियों की शृंखला बनाकर सिल्ट निकलवाई जाएगी।