अजगैन थानाक्षेत्र के कसबा नवाबगंज के मोहल्ला शीतलगंज निवासी बाबूलाल (40) मांगलिक कार्यक्रमों में खाना बनाने के साथ ही कस्बे के पुराने बस स्टॉप पर चाय व मिठाई की दुकान किए था। मंगलवार शाम करीब पांच बजे बाबूलाल लखनऊ में सहालग बुक करने की बात कहकर घर से निकला।
वर रात को घर नहीं लौटा और बुधवार सुबह उसका शव घर से करीब तीन सौ मीटर दूर गांव के बाहर रास्ते में मिला। खेतों की ओर जा रहे लोगों ने देखा तो परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने मृतक बाबूलाल की बाईं कलाई में चोट के निशान देखे। बेटी पूनम ने बताया कि लखनऊ के आबकारी विभाग में सिपाही पद पर तैनात दीपक नवाबगंज कसबा में रहता है।
दीपक के घर के सभी मांगलिक कार्यक्रम उसके पिता ही करते थे। मंगलवार शाम उसने अपने साले की बारात में कैटर्स की बुकिंग के लिए पिता को लखनऊ बुलाया था। जहां से वह देर रात तक घर नहीं लौटे। सुबह शव मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जब दीपक से पूछताछ की तो उसने बाबूलाल को लखनऊ बुलाने की बात स्वीकार करते हुए कैटर्स बुकिंग का 15 हजार रुपये बयाना मिलने की भी जानकारी दी। जबकि मृतक की जेब से कैटर्स का पर्चा और सिर्फ दस रुपये ही मिले हैं।
बेटी ने लूटपाट के बाद हत्या का शक जताया है। बाबूलाल की पत्नी कांती ने पुलिस को तहरीर दी है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया और पीएम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की बात कही।
एसओ मनोज सिंह के अनुसार दीपक ने बताया है कि उसने बाबूलाल को मंगलवार की रात 11 बजे गांव जाने वाले मार्ग पर छोड़कर अपने घर चला गया था। लखनऊ से लौटते समय बाबूलाल ने सीने में दर्द की बात कही थी। एसओ का कहना है कि मृतक के शरीर में चोट नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो सामने आएगा उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।