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ओला और बारिश से ‘रोया’ अन्नदाता

Sun, 01 Mar 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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उन्नाव। पहले ओले अब बारिश से किसान रोने को मजबूर है। 20 घंटे की बारिश और तेज हवाओं से रबी की सारी फसलों को तगड़ा नुकसान पहुंचा है। गेहूं के पौधे जमीदोंज हो गए हैं। वहीं सरसों व दलहनी फसलों के फूल झड़ गए हैं। खेतों में पानी भर जाने से आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
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20 घंटे से अधिक समय की बारिश से शहर में जबरदस्त जलभराव हो गया है। जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने से गलियों में घुटनों तक पानी भरा रहा इससे आम लोगों को आवागमन में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव को देख अधिकतर लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर हुए।

ब्रेकडाउन होने से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त बिजली संकट खड़ा हो गया। घंटों बिजली गुल रही। बारिश न रुकने से बिजली कर्मचारियों को फाल्ट दुरुस्त करने में दिक्कतें आईं।
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31 मिलीमीटर की बारिश से फसलें चौपट
शनिवार देररात करीब 12 बजे से शुरू हुई बारिश रविवार देरशाम तक जारी रही। घंटों की तेज बारिश से रबी की अधिकतर फसलें चौपट होने के कगार पर पहुंच गई हैं। रबी की प्रमुख फसल गेहूं के पौधे भी जमींदोज हो गए हैं। वहीं सरसों और अरहर के पौधे भी बारिश व तेज हवाओं की चपेट में आकर झड़ गए। ऐसे में किसानों के पास सिवाय रोने के और कुछ भी नहीं बचा है।

आलू उत्पादक किसानों को भी बारिश ने झटका दिया है। जानकारों का कहना है कि अधिकांश खेतों में अभी आलू की खुदाई शुरू नहीं हुई है। ऐसे में घंटों की बारिश से खेतों में पानी रुकने से आलू के सड़ने का खतरा बढ़ गया है। प्रकृति की इस मार से किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हो गया है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह का कहना है कि रबी सीजन की सभी फसलों को इस बारिश से नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि रविवार शाम 5 बजे तक 31.3 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई है।

डॉ. सिंह के मुताबिक, सोमवार को भी हल्की बारिश के आसार हैं। होली तक ऐसा ही मौसम बना रहने की उम्मीद है। इस बार जिले में 2,43,215 हेक्टेअर क्षेत्र में गेहूं, 17585 हेक्टेअर में सरसों व 9000 हेक्टेअर में तोरिया बोई गई है। इस बारिश से सभी फसलों का उत्पादन गिरने की आशंका है।

बिजली रही गुल, पेयजल का संकट
शनिवार देररात शुरू हुई बारिश से कल्याणी व आवास विकास कालोनी फीडर ब्रेकडाउन से बंद हो गए। इन फीडरों से जुड़े सिविल लाइन, बन्धूहार, कल्याणी, दरोगाबाग, आवास विकास कालोनी समेत अन्य मोहल्लों में पूरी रात बिजली नहीं आई। इसके चलते घरों में बिजली के साथ-साथ पानी का भी संकट खड़ा हो गया।

वहीं, रविवार सुबह पीडीनगर व टाउन प्रथम ब्रेकडाउन की चपेट में रहे। ऐसे में आधे शहर में गंभीर बिजली संकट खड़ा हो गया। टाउन प्रथम में एक क्रेक पोल टूट गया जिससे कई मोहल्लों में बिजली आपूर्ति ठप रही। स्टेशन रोड पर एक खंभे में करंट उतर आने से दो गाय चिपक गईं।

लोगोें ने बिजली विभाग को फोनकर आपूर्ति बंद कराई। बारिश न रुकने से बिजली कर्मचारियों को भी फाल्ट दुरुस्त करने में दिक्कतें आईं। एक्सईएन रामबुझारत ने बताया कि बारिश होने के बाद भी कर्मचारियों को भेजकर फाल्टों को दुरुस्त कराया गया। ग्रामीण इलाकों में कमोबेश बिजली आपूर्ति ठीक रही।

जलभराव से घरों में दुबके लोग
20 घंटे से अधिक समय तक लगातार हुई बारिश से पूरा शहर भीषण जलभराव की चपेट में रहा। जलनिकासी की व्यवस्था ध्वस्त होने से शहर के गांधीनगर, बन्धूहार, पूरननगर, इंद्रानगर, मोतीनगर, किला, छिपियाना, कंजी, कचहरी, रामपुरी आदि मोहल्लों में गलियों तक में घुटनों तक पानी भरा रहा।

ऐसे में लोगों को आवागमन करने में खासी दिक्कतें उठानी पड़ी। जलभराव की विकट स्थिति देखकर अधिकांश लोग घरों में ही दुबके रहे। यही नहीं शहर के प्रमुख मार्गों बड़े चौराहे, छोटे चौराहे, सदर चौकी के सामने समेत अन्य सड़कों पर भी जलभराव रहा। बारिश के चलते प्रमुख बाजारों धवनरोड, स्टेशन रोड, बड़े चौराहे आदि में खरीदारों की भीड़ कम देखी गई। दुकानदार सन्नाटे में बैठे रहे। अधिकांश ने शाम ढलते ही दुकानों में ताला डाल दिया और घरों को लौट गए।
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