बांगरमऊ। तहसील क्षेत्र के रसूलपुर मझगवां में आगरा एक्सप्रेस वे के लिए किसानों की गैर बैनामा की जमीन पर कब्जे का मामला लखनऊ तक पहुंच गया है। प्रमुख सचिव यूपीडा नवनीत सहगल ने डीएम व एसडीएम को तलब कर मामले की जानकारी ली है। निर्देश दिए कि एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान जो भी अतिरिक्त भूमि आ रही है उसका सर्वे कराकर बैनामा कराएं और किसानों के खातों में मुआवजे की राशि पहुंचाई जाए।
300 किमी. लंबे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे में जनपद का 65 किमी. से ज्यादा क्षेत्र आ रहा है। शनिवार को बांगरमऊ तहसील के रसूलपुर मझगवां के किसानों ने गैर बैनामा की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में कार्यदायी एजेंसी अपकान के मैनेजर व कर्मचारियों को पीटा था। इसके चलते चार दिनों से रसूलपुर मझगवां में किसानों के विरोध के कारण आगरा एक्सप्रेस वे का काम बंद चल रहा है। अमर उजाला ने रविवार से लगातार इस मुद्दे को उठाया। आखिरकार मामला प्रदेश सरकार तक पहुंच गया।
इस पर प्रमुख सचिव यूपीडा ने जिलाधिकारी व बांगरमऊ उपजिलाधिकारी को तलब किया। डीएम व एसडीएम ने प्रमुख सचिव के सामने पहुंचकर सारी जानकारी दी। प्रमुख सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण के दौरान जहां भी किसानों की अतिरिक्त भूमि आ रही है उसका सर्वे कराएं।
इसके बाद उस अतिरिक्त भूमि का बैनामा कराकर किसानों के खातों में मुआवजे की राशि भिजवाएं। डीएम सौम्या अग्रवाल ने बताया कि आगरा एक्सप्रेस वे के निर्माण में जो भी भूमि आएगी उसका मुआवजा जरूर दिलाया जाएगा।