उन्नाव। महिला सशक्तीकरण के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति जांचने पहुंची प्रमुख सचिव व जिले की नोडल अधिकारी उस समय हैरत में पड़ गईं जब जीजीआईसी की छात्राएं महिलाओं की सहायता के लिए चलाई गई हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में कुछ नहीं बता सकीं।
प्रमुख सचिव व जिले की नोडल अधिकारी बीना कुमारी मीना शुक्रवार दोपहर राजकीय बालिका इंटर कालेज पहुंची। उन्होंने छात्राओं से सीधा संवाद किया। पूछा कि महिलाओं को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए कौन से सरकारी नंबर जारी किए गए हैं। इस पर किसी छात्रा ने 100 नंबर बताया तो किसी ने 101। प्रमुख सचिव ने जब 181 नंबर के बारे में पूछा तो कोई भी छात्रा इसके बारे में समुचित जवाब नहीं दे सकी। इस पर उन्होंने प्रधानाचार्या किरन भारती को छात्राओं को जागरुक करने को कहा।
प्रमुख सचिव जीजीआईसी में गंदगी देख नाराज हुई। इसके बाद वह परिसर में ही संचालित मूक बधिर स्कूल में गईं और बच्चों को टॉफियां बांटी। इससे पहले उन्होंने विकास भवन सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। सीडीओ प्रेमरंजन सिंह को महिला हेल्पलाइन नंबरों 181, 1090 आदि पर क्विज प्रतियोगिता कराए जाने और बल्क में एसएमएस के जरिये महिलाओं को हेल्पलाइन नंबरों के बारे में जानकारी कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 181 महिला हेल्पलाइन (आशा ज्योति केंद्र) का मुख्य उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को विषम परिस्थितियों से तत्काल सुरक्षा देते हुए चिकित्सीय एवं पुलिस सेवाएं प्रदान करना है। 181 महिला हेल्पलाइन नंबर पर कोई भी महिला एवं बालिका जो विषम परिस्थितियों से ग्रस्त हो तो उसे तत्काल सहायता के लिये उपलब्ध होना चाहिए।
महिला प्रधान को दी ट्रैक्टर की चाबी
प्रमुख सचिव ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में उन्होंने जरी-जरदोजी महिलाओं से मुलाकात की। सरोसी ब्लाक पर ग्राम प्रधानों, आंगनबाड़ियों व स्वयं सहायता संबंधी महिलाओं के साथ बैठक की। एक महिला ग्राम प्रधान को नये ट्रैक्टर की चाबी प्रदान की। देरशाम नोडल अधिकारी ने जेल का निरीक्षण किया और कैदी महिलाओं से उनका हालचाल पूछा।
सखी सेंटर का प्रमुख सचिव ने किया निरीक्षण, वार्ड का देखा हाल
प्रमुख सचिव बीना कुमारी मीना शुक्रवार दोपहर 12 बजे जिला अस्पताल स्थित डीईआईसी भवन में सखी (वन स्टाप) सेंटर का निरीक्षण करने पहुंची थी। हिंसा प्रभावित महिलाओं के ठहरने के लिए बनाए गए वार्ड का हाल देखा। मैनेजर प्रीती सिंह ने बताया कि अप्रैल माह से अब तक 240 महिलाओं की मदद की जा चुकी है। इनमें हिंसा, दहेज प्रताड़ना से पीड़ित महिलाएं भी शामिल रही हैं। उन्होंने चाइल्ड लाइन संस्था के सदस्यों से भी मुलाकात की व उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सखी सेंटर की गतिविधियों का प्रचार प्रसार किया जाए। डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय, सीएमओ डा. केपी सिंह, एसीएमओ डा. आरके गौतम, डा. नरेंद्र सिंह, सीएमएस डा. बीबी भट्ट मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान वहां तैनात कर्मियों ने प्रमुख सचिव से चार माह से मानदेय न मिलने की शिकायत की।