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Unnao News: बवाल-ए-जान बना आधारकार्ड बनवाना और संशोधन कराना

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उन्नाव। जिले में आधार कार्ड बनवाना और संशोधन करना किसी मुसीबत से कम नहीं है। कड़ाके की ठंड में लोग सुबह से पहुंच कर लाइन में लग रहे हैं। 10 से 15 दिन चक्कर काटने के बाद भी लोगों के न तो आधार कार्ड बन रहे हैं और न ही संशोधन हो रहा है। बिचौलिए निर्धारित शुल्क से ज्यादा रुपये भी वसूल रहे हैं। यह स्थिति डाकघर से लेकर बैंकों व जन सेवा केंद्रों तक की है। आधार अपडेट न होने से किसी की पेंशन रुकी है तो किसी की सम्मान निधि। राशन और छात्रों की डीबीटी मिलने में भी दिक्कतें आ रही हैं।
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नया आधारकार्ड बनाने व संशोधन की सुविधा शहर में मुख्य डाकघर के अलावा कलक्ट्रेट में बने एक केंद्र में है। इसके अलावा तहसील व ब्लाक स्तर पर खुले उपडाकघरों के साथ 900 कॉमन सर्विस सेंटर में से 76 में आधार से जुड़े काम कराए जा सकते हैं। विभिन्न बैंकों की जिले की बीस शाखाओं में सुविधा का दावा है। इसके बाद भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सेंटर के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते दिनभर लाइन में लगने के बाद लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
लोगों का आरोप है कि आधारकार्ड बनवाने वाले कर्मचारी पहले अपने चहेतों और तीन से पांच सौ रुपये देने वालों के काम कराते हैं। कलक्ट्रेट केंद्र में पहुंचने पर आधारकार्ड बनवाने के लिए 10 से 12 दिन बाद की तारीख का टोकन किया जा रहा है। यहां संशोधन के नाम पर 100 रुपये फीस ली जा रही है।
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प्रधान डाकघर में तो सुबह से ही लोग लाइन लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या महिलाओं की है जो छोटे बच्चों को गोद में लेकर आती हैं और काम न होने पर लौट जाती हैं। पुरवा दुर्गापुर की वंदना, धौरहरा की शोभा, लल्लन, रम्माखेड़ा की रामसनेही, गंगादेई, धन्नीपुर की प्रेमकुमारी ने बताया कि आधार में मोबाइल नंबर लिंक कराना है। सुबह से शाम होने वाली है लेकिन काम नहीं हो पाया है। उधर, लोगों की परेशानी को देखकर भी जिम्मेदार अंजान बने हैं।


आधारकार्ड न होने से लटके यह जरूरी काम
-25 हजार राशनकार्डों की ई-केवाईसी
-पांच हजार से अधिक बच्चों की डीबीटी से मिलने वाली धनराशि
-दो हजार निराश्रित महिलाओं व एक हजार से अधिक बुजुर्गों की पेंशन
-35 हजार किसानों की पीएम किसान सम्मान निधि
-200 मदरसा बच्चों का पंजीकरण
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फोटो नंबर-20-रामप्यारी । संवाद
200रुपये दिए तब हुआ अपडेट
हसनगंज के सुंधारी गांव निवासी राम प्यारी ने बताया कि बच्चे का बायोमीट्रिक एवं स्वयं का मोबाइल नंबर आधार कार्ड में अपडेट करवाने के लिए आई थी। 200 रुपये लिए गए हैं। काफी प्रयास के बाद काम हो पाया है।

फोटो नंबर-21-सुमित। संवाद
कई दिन से लगा रहे दौड़
सफीपुर। लगलेसरा गांव की सुमिता ने बताया कि चार बच्चों में रमन व बुद्धिमान का राशनकार्ड में नाम नहीं बढ़ पा रहा है। लगातार भागदौड़ करनी पड़ रही है। इस ठंड में रोजाना लंबी दौड़ लगाना मुश्किल हो रहा है।
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