उन्नाव। गोशालाओं के हाल बेहाल हैं। भीषण गर्मी में कई गोशालाएं मवेशियों के लिए यातना गृह साबित हो रही हैं। इसका खुलासा डीएम की ओर से कराए गए गोपनीय निरीक्षण में हुआ है। मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा नहीं है। खुले में बने हौज सूखे और काई मिली। खामियों पर तीन पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं ग्राम प्रधानों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
डीएम गौरांग राठी ने शुक्रवार को जिला और तहसीलस्तरीय अधिकारियों से 105 गोशालाओं का औचक निरीक्षण कराया। इसमें जिला होमगार्ड कमांडेंट ने औरास की ग्राम पंचायत लहरू ताली में बनी गोशाला का निरीक्षण किया था। मौके पर पहुंचे जांच अधिकारी को गोशाला का गेट बंद मिला था। आधे घंटे बाद प्रधान अजय कुमार पहुंचे थे। उसके बाद गेट का ताला तोड़ा गया था। अंदर परिसर में गंदगी फैली थी। चारा नांद में सूखा गोबर था। पूरी नांद खाली थीं। खुले में बने पानी वाले हौज में काई जमी थी। हौज पूरी तरह से सूखी थी। जब हौज में पानी भरने को कहा गया तो पता चला कि बिजली चार बजे आएगी तब पानी भरा जाएगा। मवेशी खुले में धूप में विचरण कर रहे थे।
कमाडेंट ने रिपोर्ट में बताया कि यदि वह जांच के लिए नहीं पहुंचते तो मवेशियों को चारा व पानी नसीब ही नहीं हो पाता। मामले में रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ आलोक सिन्हा ने पंचायत सचिव अजय कुमार सिंह को निलंबित कर दिया। इसके अलावा औरास की ग्राम पंचायत शीशी में भी गंदगी मिली। हौज में काई जमी थी। परिसर में छाया की कोई व्यवस्था नहीं थी। रिपोर्ट के आधार पर जिला विकास अधिकारी तेजवंत सिंह ने सचिव अनिल कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया।
एसडीएम पुरवा ने बनिगांव गोशाला का निरीक्षण किया। इसमें भी मवेशियों के संरक्षण में खामियां मिलने पर पंचायत सचिव दीपक कुमार को डीडीओ ने निलंबित कर दिया। डीएम ने बताया कि दोषी ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। प्रधानों को पंचायतराज अधिनियम के तहत नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। सीवीओ व बीडीओ को गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि चारागाह के लिए लगभग 600 बीघा भूमि चिन्हित की गई है। इसमें हरा चारा तैयार किया जाएगा। गोशालाओं के लिए भूसे का टेंडर कराया जा चुका है।