उन्नाव। नगर पंचायतों को स्वच्छ बनाने और कूड़े का सुरक्षित निस्तारण कराने के लिए तीन साल पहले 19 नगर पंचायतों में 9.59 करोड़ से बनाए गए एमआरएफ सेंटर (मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर) कबाड़ हो रहे हैं। इससे नगर पंचायतों में कूड़ा निस्तारण की योजना साकार नहीं हो सकी। नगर पंचायतों का दावा है कि बिजली कनेक्शन न होने से कुछ को जनरेटर से चलाया जा रहा है। हालांकि, नगरीय क्षेत्रों में कूड़े का सही निस्तारण न होने से ज्यादातर में सड़क के किनारे और खाली स्थानों पर कू़ड़ा फेंका जा रहा है।
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सेंटर-एक
बिजली कनेक्शन लेने के लिए चाहिए दो लाख
गंजमुरादाबाद। करीब 20 हजार आबादी वाले नगर गंजमुरादाबाद में कूड़े के निस्तारण के लिए तीन साल पहले ताजपुर मार्ग पर एमआरएफ सेंटर बना था, जो अभी तक चालू नहीं हो सका। संचालन में बिजली की समस्या आड़े आ रही है। बिजली विभाग कनेक्शन के लिए दो लाख रुपये की मांग कर रहा है। नगर पंचायत बिजली विभाग को बजट उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। इससे सेंटर में लाखों की मशीनें धूल खा रही हैं। कूड़ा कस्बे के आसपास सड़कों के किनारे और खाली स्थानों पर फेंका जा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष रूबी खातून ने बताया कि जल्द ही बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर बिजली की समस्या का समाधान करा सेंटर का संचालन शुरू कराया जाएगा।
सेंटर-दो
बिजली विभाग कनेक्शन के लिए मांग रहा भुगतान, पंचायत के पास बजट नहीं
फतेहपुर चौरासी। नगर पंचायत फतेहपुर चौरासी में भवन व मशीन सहित करीब 49 लाख रुपये की लागत से बना एमआरएफ सेंटर बिजली कनेक्शन के बिना करीब तीन साल से बंद है। मार्च 2021 में 33 लाख की लागत से कूड़ा निस्तारण केंद्र बनाया गया था। 16 लाख रुपये की चार मशीनें भी केंद्र में लगाई गईं पर कनेक्शन न होने से प्रयोग नहीं हो पा रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष मिथलेश जायसवाल ने बताया कि बिजली कनेक्शन के लिए दो साल पहले ऑनलाइन आवेदन किया गया था। कनेक्शन के लिए बिजली विभाग से बार-बार पत्राचार किया जा रहा है। आज तक बिजली कनेक्शन नहीं मिला। वहीं, बिजली विभाग बांगरमऊ के एक्सईएन आरएन यादव ने बताया कि कनेक्शन आवेदन के साथ नगर पंचायत को विभाग द्वारा दिए गए एस्टीमेट का भुगतान करना होगा। उसके बाद ही कनेक्शन दिया जा सकेगा। बजट के अभाव में यहां भी कनेक्शन के लिए भुगतान लटका है।
सेंटर-तीन
39 लाख का एमआरएफ भवन बना शोपीस
मौरावां। कस्बे के मोहल्ला उन्नतखेड़ा में 39 लाख से एमआरएफ सेंटर बना हुआ है। बिजली कनेक्शन न होने से कभी कभार जनरेटर चलाया जाता है, लेकिन खर्च अधिक होने से नियमित संचालित नहीं हो पा रहा है। कनेक्शन के लिए पंचायत प्रशासन बिजली विभाग को एस्टीमेट के सापेक्ष भुगतान नहीं कर पा रहा है। इससे यहां भी कनेक्शन दूर की कौड़ी बना हुआ है। ईओ संतोष कुमार का कहना है कि कनेक्शन लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। एक सप्ताह में कनेक्शन मिल जाने की उम्मीद है। इसके बाद सेंटर का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।
सेंटर-चार
केंद्र संचालन न होने से संपर्क मार्गों के किनारे डंप किया जा रहा कूड़ा
अचलगंज। नगर पंचायत में 67 लाख की लागत से दो साल पहले कचरा निस्तारण केंद्र का भवन बनकर तैयार हुआ था। साथ ही कूड़े से खाद बनाने के लिए मशीनें लगाई गई थीं। बिजली कनेक्शन का रोड़ा यहां भी लगा हुआ है। कनेक्शन के लिए नगर पंचायत के पास अलग से बजट नहीं है। केंद्र का संचालन न होने से सफाईकर्मी कस्बे से जुड़े संपर्क मार्गों के किनारे कूड़ा डंप कर रहे हैं। हड़हा बलाई मार्ग पर अंत्येष्टि स्थल के पास कूड़े का अंबार लगा दिया गया है। इसी तरह अचलगंज बेहटा जाने वाले मार्ग पर अवंतीबाई नगर बस्ती के नजदीक बड़ा कूड़े का ढेर लगाया गया है। हड़हा गोशाला के पास भी ढेर लगा है।
यहां भी नहीं चल पा रहे सेंटर
-नगर पंचायत बीघापुर में एमआरएफ सेंटर में कनेक्शन बिजली लाइन दूर होने से नहीं हो पा रहा है। अध्यक्ष सुशील कुमार बाकुश का कहना है कि बीच-बीच में सेंटर जनरेटर से चलाया जा रहा है।
-नगर पंचायत हैदराबाद में भी कूड़ा निस्तारण केंद्र बिजली कनेक्शन के अभाव में पूरी क्षमता से नहीं चल पा रहा है। जब ज्यादा कूड़ा एकत्रित हो जाता है तो कुछ समय के लिए जनरेटर चलाकर निस्तारित कर दिया जाता है।
जिन नगर पंचायतों में बिजली कनेक्शन की समस्या आ रही है वहां के अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। बिजली विभाग के अधिकारियों से भी बात की जाएगी। दोनों में समन्वय बनवाकर कनेक्शन दिलाने का प्रयास किया जाएगा। -गौरांग राठी, डीएम
सभी एमआरएफ सेंटर चालू हालत में हैं, कुछ जगह नगर पंचायतें स्वयं तो कुछ जगह ठेके पर चलवा रही हैं। जिनमें बिजली कनेक्शन नहीं हो पाए हैं, उन्हें नगर पंचायतों की ओर से मैनुअली चलाया जा रहा है। चेक किया जाएगा, जहां जो कमी होगी उसे दूर कराया जाएगा। -कोमल शर्मा, डीपीएम, स्वच्छ भारत मिशन