उन्नाव/असोहा/परियर। गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में एक सेंटीमीटर कम होकर खतरे के निशान 113 मीटर से नीचे आ गया है। शनिवार शाम 6 बजे यह 113.080 मीटर था जो रविवार शाम को 112.980 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, जलस्तर घटने के बावजूद उन्नाव के गंगा कटरी क्षेत्रों में बाढ़ से उपजी दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। सई और कल्याणी नदी का पानी बढ़ा होने से ग्रामीणों को अभी राहत नहीं मिली है।
परियर में रविवार को गंगा का जलस्तर लगभग आधा फीट घट गया। इससे गंगा किनारे बसे गांवों और घरों के पास भरे बाढ़ के पानी में कमी आई है। सदर तहसील क्षेत्र के परियर, बाबू बंगला, चंडी बंगला, पनपथा, देवी पुरवा, वंदन पुरवा, माना बंगला और कोलवा गांव फिर से बाढ़ से घिर गए थे। जलस्तर घटने के साथ ही घरों के आसपास तक पहुंचे पानी में भी कमी दिखाई दी। ग्रामीणों की बाढ़ की आशंका पर भी कुछ विराम लगा है।
वहीं, असोहा-नयाखेड़ा मार्ग पर सई नदी का पानी चार फीट से ऊपर बह रहा है। इससे नदी पार की आठ पंचायतों का ब्लॉक मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। बिलौरा, चौपई, मझरिया, पहाड़पुर, गोमापुर, चिलौली, दरेहटा और ओगरापुर पंचायतों के ग्रामीणों को आठ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। कोटवा-लच्छीपुर और धन्नीखेड़ा-गोमापुर मार्ग भी लगभग बंद हैं। धन्नीखेड़ा निवासी सोनू यादव और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बरसात बंद हुए सात-आठ दिन हो गए, पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
एडीएम वित्त राजस्व सुशील कुमार गोंड ने बताया कि अब पानी तेजी से नीचे उतरेगा। इसके बाद प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।
पनपथा में घरों के पास भरा पानी। संवाद- फोटो : credit
पनपथा में घरों के पास भरा पानी। संवाद- फोटो : credit
पनपथा में घरों के पास भरा पानी। संवाद- फोटो : credit