आगरा-लखनऊ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन होने के करीब एक महीने बाद शुक्रवार को यहां से वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई। करीब 120 किमी. प्रति घंटा रफ्तार वाली इस सड़क पर बाधाएं अभी भी कम नहीं हैं। लखनऊ से बांगरमऊ गंगापुल के बीच पड़ने वाले 64 किमी. भाग में ही अभी काफी काम बचा है। जिन स्थानों पर वाहन नहीं निकल सकते वहां रूट डायवर्जन कर वाहनों को निकाला गया है। कई दिन से दिन-रात काम पूरा कराने में जुटी यूपीडा आखिरकार पूरी तरह से काम खत्म नहीं कर पाया। औरास में सई नदी पुल का करीब पच्चीस फीसदी भाग में स्लैब का काम पूरा न होने से लखनऊ की ओर से आने वाले वाहनों को संडीला रोड अंडरपास के पास से दाहिनी ओर मोड़ दिया गया। वहीं बांगरमऊ में जगटापुर के पास स्थित उन्नाव-हरदोई रोड के अंडरपास के ऊपर सड़क का निर्माण शुक्रवार को भी तेजी से चलता रहा। इसके चलते रूड डायवर्ट करना पड़ा। बांगरमऊ-बिल्हौर सीमा पर स्थित गंगापुल पर निर्माण कार्य के चलते दोनों ओर के वाहन एक ही रूट से निकाले गए। हसनगंज में अलिया बरातीखेड़ा गांव के पास डिवाइडर, सेफ्टी ग्रिल, सर्विस रोड, रोड लाइट, रोड शाइन का काम जारी है। यूपीडा के एक्सईएन नवीन कुमार ने बताया कि जो काम बचा है उसे तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इससे ट्रैफिक चलने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
ग्रामीणों ने कई स्थानों पर सेफ्टी ग्रिल तोड़ दी है
गंजमुरादाबाद। गंगा नदी पुल से हरदोई-उन्नाव रोड ओवरब्रिज तक एक साइड में डामरीकरण का कार्य जारी है। ग्राम शादीपुर तक दोनों साइडों में डामरीकरण का कार्य पूरा नहीं हुआ है। ग्राम बहलोलपुर के निकट कल्याणी नदी के दो पुलों में एक का निर्माण बाकी है। जबकि दूसरे पुल की स्लैब के गैप अभी भरे जा रहे हैं। एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम व एक्सप्रेस-वे के दोनों साइड बैरीकेडिंग का काम पूरा नहीं है। बांगरमऊ में ही देवखरी के पास डिवाइडर की सेफ्टी ग्रिल को ग्रामीणों ने आवागमन के लिए कई स्थानों पर तोड़ दी है।