संक्रामक बीमारियों ने स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मरीजों की संख्या में बेतहाशा इजाफा होने से अस्पतालों में बेड नहीं बचे हैं। जिला अस्पताल के सभी बेड फुल होने के बाद 20 फोल्डिंग डलवाई गईं, मगर वह भी फुल हो गए। हालत यह है कि मरीजों को इमरजेंसी वार्ड से ही रेफर किया जा रहा है।
संक्रामक बीमारियों के चलते एक दिन में आधा दर्जन से अधिक बुखार के मरीज प्रतिदिन जिला अस्पताल में आ रहे हैं। शेखपुर नरी व गजौली गांव के दर्जनों मरीजों का पहले से ही जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डॉ. उमाशंकर दीक्षित संयुक्त चिकित्सालय के पुुरुष अस्पताल में दो वार्ड हैं, जिसमें पहले वार्ड में 50 व दूसरे वार्ड में भी 50 बेड हैं। इसके अलावा सीएमएस ने 20 एकस्ट्रा फोल्डिंग डलवा रखी हैं। उसके बाद भी मरीजों को लिटाने की व्यवस्था पूरी नहीं हो पा रही है।
रविवार को जिला अस्पताल के दोनो वार्डों में 125 मरीजों का इलाज चल रहा था। रविवार को गांव नवई निवासी सियादुलारी(40) पत्नी राम, अचलगंज क्षेत्र के जमुका में रहने वाले मुशीर(35) पुत्र अलीरजा को डॉक्टरों ने बेड खाली न होने पर प्राथमिक उपचार करने के बाद रेफर कर दिया। ।